डिब्रूगढ़ में मातृ एवं नवजात मृत्यु दर कम करने पर मंथन, संक्रमण नियंत्रण मजबूत करने पर जोर
डिब्रूगढ़ (असम), 25 सितंबर (हि.स.)। असम में मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को और कम करने तथा स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को डिब्रूगढ़ के मनोहारी टी रिजॉर्ट में एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और समय पर उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
असम सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के मंत्री अशोक सिंघल की उपस्थिति में आयोजित सम्मेलन में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों, चिकित्सकों, जिला स्वास्थ्य प्रशासन के अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों ने भाग लिया।
इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने, जटिल मामलों की समय पर पहचान करने और संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए समन्वित व्यवस्था विकसित करने पर व्यापक चर्चा हुई।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. पी अशोक बाबू, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. मनोज कुमार चौधरी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, असम के कार्यकारी निदेशक डॉ. अभिजीत शर्मा और डिब्रूगढ़ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजीव काकती सहित विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के अधीक्षक, विभागाध्यक्ष और जिलों के संयुक्त स्वास्थ्य सेवा निदेशक सम्मेलन में मौजूद रहे।
सम्मेलन की शुरुआत डिब्रूगढ़ के आयुक्त विक्रम कैरी के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने सम्मेलन के उद्देश्य और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए विभिन्न स्तरों के स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय, समय पर उपचार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सम्मेलन के दौरान संक्रमण नियंत्रण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही इस विषय से संबंधित एक पोर्टल भी लॉन्च किया गया। उम्मीद है कि एसओपी के माध्यम से राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए समान मानक, निर्धारित कार्यप्रणाली और व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
मुख्य संबोधन में मंत्री अशोक सिंघल ने माताओं और बच्चों के जीवन की सुरक्षा में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुरक्षित प्रसूति सेवा, समय पर उपचार, जटिल स्थितियों की शीघ्र पहचान और उचित चिकित्सा व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण नियंत्रण को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
डॉ. पी अशोक बाबू ने संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुति दी। विशेषज्ञों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में प्रभावी निगरानी, समयबद्ध हस्तक्षेप और बेहतर उपचार व्यवस्था की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन में चिकित्सा महाविद्यालयों के माध्यम से जिलों को तकनीकी सहायता और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष चर्चा हुई। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को और कम करने के लिए जिला-विशिष्ट रणनीति तैयार करने, स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय बढ़ाने और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने जिलों में उठाए गए कदमों तथा आगामी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालयों के सहयोग से जिला स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
सम्मेलन में मस्तिष्क पक्षाघात के मामलों पर भी एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें शुरुआती स्तर पर पहचान, समय पर उपचार, पुनर्वास और देखभाल के साथ परिवार तथा स्वास्थ्य व्यवस्था की भूमिका पर चर्चा की गई।
दिन के अंतिम चरण में राज्य में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को और कम करने के लिए भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें राज्य, जिला और स्वास्थ्य संस्थान स्तर पर आवश्यक कदमों, सेवाओं के समन्वय, आंकड़ा आधारित योजना और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
समापन सत्र में मंत्री अशोक सिंघल ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदार और समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता दोहराई। सम्मेलन को असम में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए अधिक व्यवस्थित व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

