काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में पारंपरिक हाथी पूजा के साथ पर्यटन वर्ष 2026-27 के हाथी सफारी का शुभारंभ
गोलाघाट (असम), 01 नवंबर (हि.स.)। काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में आज सुबह पारंपरिक रूप से हाथी पूजा के साथ पर्यटन वर्ष 2026-27 के हाथी सफारी का शुभारंभ हुआ। हाथी सफारी पर्यटकों को काफी पसंद आती है। ज्ञात हो कि काजीरंगा को पर्यटकों को लिए पिछले महीने ही बरसात के बाद खोला गया था। उद्यान में सिर्फ जीप सफारी चल रही थी। लेकिन, उद्यान का आनंद अब पर्यटक हाथी पर सवार होकर ले सकते हैं।
कंहरा वन क्षेत्र के मुख्य द्वार पर फीता काटकर वन विभाग के हाथी सफारी का औपचारिक उद्घाटन काज़ीरंगा के डीएफओ अरुण विग्नेश ने किया। इसके साथ ही बागरी वनांचल क्षेत्र में भी निजी हाथी सफारी शुरू हुई। पहले दिन कंहरा वन क्षेत्र में वन विभाग के 10 हाथियों और बागरी वन क्षेत्र में 33 निजी हाथियों के साथ हाथी सफारी सुबह के समय शुरू हुई।
ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, बेल्जियम और इंग्लैंड सहित विभिन्न देशों के विदेशी पर्यटक और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले सैकड़ों पर्यटक हाथी की पीठ पर सफारी का आनंद लेते हुए काज़ीरंगा की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करते देखे गये।
खासतौर पर पहली बार हाथी सफारी का अनुभव कर स्थानीय और विदेशी पर्यटक मंत्रमुग्ध हो गये। ज्ञात हो कि काजीरंगा विश्व में एक सींग वाले गैंडे के लिए विख्यात है, हालांकि, अन्य जंगली जीवों का भी यह उद्यान आश्रय स्थल है। जिसे देखने के लिए प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में उद्यान में आते हैं।
पर्यटन वर्ष के शुभारंभ के साथ ही राज्य सरकार ने अपनी ओर से पूरी तैयारी की है। वहीं, काजीरंगा उद्यान प्रबंधन, टूर आपरेटर, टूर गाइड समेत इससे जुड़े सभी पर्यटकों का ख्याल रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर चुके हैं। उद्यान में पर्यटकों के आने से टूर आपरेटर, टूर गाइड, स्थानीय दुकानदार, होटल व्यवसायी आदि सभी के चेहरे इस समय खिल उठे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

