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फोरम ने सुरक्षा बल को सियांग से वापस बुलाने का किया आह्वान

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इटानगर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल इंडिजिनस ट्राइब्स फोरम ने 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' को लेकर सियांग बेल्ट में चल रही हिंसा और अशांति की स्थिति से निपटने के लिए एक सात सदस्यीय शांति समिति' का गठन किया है।

आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए, फोरम के महासचिव तापी ताई ने कहा कि राज्य के सियांग बेल्ट में हिंसा और तनाव को देखते हुए, फोरम ने सात सदस्यीयों वाली शांति समिति बनाने का फैसला किया है। इस समिति की अध्यक्षता फोरम के उपाध्यक्ष गोमर बसार करेंगे और इसमें विभिन्न समुदायों, संगठनों के सदस्य शामिल होंगे। इस समिति का मुख्य उद्देश्य हिंसा को रोकना, सियांग बेल्ट में शांति बहाल करना और बातचीत के जरिए वहां के मूल निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

यह समिति सरकार और विरोध कर रहे समूहों के बीच बातचीत कराएगी, आगे होने वाली हिंसा और सार्वजनिक या निजी संपत्ति के नुकसान को रोकेगी और शांति व सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए विश्वास बहाली के उपाय सुझाएगी।

समिति को निर्देश दिया गया है कि वह अधिसूचना जारी होने के 20 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे। फोरम ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की है।

सियांग बेल्ट में भारी सुरक्षा बल तैनात किए जाने पर चिंता जताते हुए, समिति के अध्यक्ष गोमर बसार ने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसके कारण स्थानीय मूल निवासियों के बीच डर का माहौल पैदा हो गया है। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार से सियांग बेल्ट से सुरक्षा बलों को वापस बुलाने की मांग की है। साथ ही गिरफ्तार लोगों को भी रिहा करने की अपील की है।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी