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विवेक खरे ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के नए महाप्रबंधक का कार्यभार संभाला

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विवेक खरे ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के नए महाप्रबंधक का कार्यभार संभाला


- 1989 बैच के आईआरएसएमई अधिकारी को रेलवे परिचालन, रखरखाव और आधुनिकीकरण का तीन दशक से अधिक का अनुभव

गुवाहाटी, 02 नवंबर (हि.स.)। भारतीय रेल यांत्रिक इंजीनियरिंग सेवा (आईआरएसएमई) के 1989 बैच के अधिकारी विवेक खरे ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के नए महाप्रबंधक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। महाप्रबंधक के तौर पर वह पूसीरे के समग्र कार्यकारी प्रमुख होंगे।

भारतीय रेल के 18 जोनों में शामिल पूसीरे सबसे बड़े और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। इसका क्षेत्राधिकार 10 राज्यों और 36 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों तक फैला है। इसमें असम, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और सिक्किम के अलावा पश्चिम बंगाल तथा बिहार के कुछ हिस्से शामिल हैं।

पूसीरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने सोमवार को बताया कि खरे ने एक नवंबर को पदभार ग्रहण किया। उन्हें देश के विभिन्न राज्यों और रेलवे जोनों में परिचालन, रखरखाव, कार्यक्षमता में सुधार तथा आधुनिकीकरण के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उनकी विशेषज्ञता पूसीरे के लिए लाभकारी साबित होने की उम्मीद है।

महाप्रबंधक का पद संभालने से पहले खरे रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) में प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। मार्च 2026 में उन्होंने कुछ समय के लिए एमसीएफ के महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था।

खरे भारतीय रेल के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और प्रबंधन कौशल के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने दक्षिण मध्य रेलवे में अपनी सेवा शुरू की थी। इस दौरान उन्होंने सिकंदराबाद और विजयवाड़ा में काम किया। इसके अलावा दक्षिण मध्य रेलवे के लालागुड़ा कारखाने और उत्तर रेलवे के तुगलकाबाद डीजल शेड में भी सेवाएं दीं।

वर्ष 2000 से 2005 के बीच राइट्स में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने उप महाप्रबंधक और अपर महाप्रबंधक के रूप में भारत तथा बांग्लादेश की कई प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2013 तक लखनऊ स्थित अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) में निदेशक के रूप में उन्होंने रेलवे प्रणालियों से जुड़ी शोध पहलों, डिजाइन मानकीकरण और तकनीकी सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) के रूप में उन्होंने ट्रेन परिचालन में सुधार के लिए काम किया। वहीं, लखनऊ के चारबाग कारखाने में मुख्य कारखाना प्रबंधक रहते हुए आधुनिकीकरण की पहल का नेतृत्व किया और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में योगदान दिया। खरे ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईएसबी), हैदराबाद सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रबंधन का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।

उनके लंबे अनुभव, गुणवत्ता सुधार के प्रयासों, आधुनिक तकनीकों की समझ और नेतृत्व क्षमता से पूसीरे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के रेल यात्रियों, माल परिवहन से जुड़े ग्राहकों और अन्य हितधारकों की अपेक्षाओं को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय