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सरकारी मदद का इंतजार नहीं, टियोक के ग्रामीणों ने खुद ही मरम्मत की रिंगबांध

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सरकारी मदद का इंतजार नहीं, टियोक के ग्रामीणों ने खुद ही मरम्मत की रिंगबांध


जोरहाट (असम), 07 अगस्त (हि.स.)। सरकारी सहायता का इंतजार किए बिना जोरहाट जिले के टियोक स्थित बलमा मोरान गांव के लोगों ने सामूहिक पहल करते हुए पुथी नदी के क्षतिग्रस्त रिंगबांध की स्वयं मरम्मत कर मिसाल पेश की है।

हालिया बाढ़ से प्रभावित होने के बावजूद गांव के पुरुषों और महिलाओं ने फावड़े तथा अन्य उपकरणों के साथ मिलकर लगभग 25 मीटर लंबे क्षतिग्रस्त रिंगबांध की मरम्मत की। ग्रामीणों ने लगातार चार दिनों तक श्रमदान कर इस कार्य को पूरा किया।

ग्रामीणों के अनुसार, 13 जुलाई को पुथी नदी में आई बाढ़ के कारण रिंगबांध टूट गया था, जिससे बलमा मोरान गांव सहित एक बड़ा इलाका जलमग्न हो गया। इसी घटना के बाद टियोक क्षेत्र में भीषण बाढ़ की शुरुआत हुई थी।

यह क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष रिंगबांध टूटने से धान और अन्य फसलों की खेती प्रभावित होती है तथा किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी अधिकारी मौके का निरीक्षण कर चुके हैं और संबंधित विभाग की ओर से स्थायी मरम्मत के लिए सर्वेक्षण भी किया जा रहा है, लेकिन काम कब शुरू होगा, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।

इसी कारण किसानों ने अपने खेतों और आजीविका की सुरक्षा के लिए स्वयं रिंगबांध की मरम्मत करने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि इससे कम से कम इस वर्ष खेती करना संभव हो सकेगा।

ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि विभाग जल्द से जल्द वैज्ञानिक तरीके से रिंगबांध का स्थायी निर्माण कराए, ताकि भविष्य में इस तरह की बाढ़ से क्षेत्र को बचाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश