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गांववालों ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू के काफिले को रोका

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इटानगर, 30 सितंबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग ज़िले के गेकू, कोमकर एवं आसपास के कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीण और किसानों ने प्रस्तावित सियांग अपर मल्टी-पर्पज़ परियोजना के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने के लिए यिंगकियोंग की सड़क को अवरूद्ध कर विरोध प्रदर्शन किया।

सूत्रों के अनुसार आज मुख्यमंत्री पेमा खांडू अपने मंत्रिमंडल के कई मंत्री, अधिकारियों के दौरे के दौरान स्थिति काफ़ी तनावपूर्ण हो गई। वे उपमुख्यमंत्री चौना मीन, ग्रामीण विकास मंत्री ओजिंग तासिंग और कई अन्य मंत्रियों एवं विधायकों के साथ यिंगकियोंग पहुंचे थे। मुख्यमंत्री मेगा-डैम परियोजना के बारे में स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों से बातचीत करने के लिए दो दिवीसय क्षेत्रीय दौरे पर हैं।

लेकिन, आज मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों के काफ़िले को गांववालों ने रोक दिया। गांववालों ने पारंपरिक लाठियां और प्लेकार्ड लिए प्रदर्शन करते हुए सुरक्षा बैरिकेड तोड़ दिए और पेड़ काटकर यिंगकियोंग के पास रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया था। मुख्यमंत्री, राज्य के मंत्रियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को ले जा रहे वाहनों के काफ़िले को पूरी तरह रोक दिया गया, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर गतिरोध पैदा हो गया।

सूत्रों के अनुसार प्रदर्शनकारियों की एक बड़ी भीड़ स्थानीय टुटिंग-यिंगकियोंग विधायक आलो लिबांग के घर पहुंची और उन्हें घेर लिया। विधायक के घर के बाहर प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिससे लोगों में भारी गुस्सा देखा गया, उग्र नारेबाज़ी हुई और गाड़ियों समेत संपत्ति में तोड़-फोड़ की खबरें आईं।

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि सर्वे के बाद इस परियोजना पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर रिपोर्ट डैम के लिए अनुकूल नहीं होगा तो इस परियोजना पर आगे नहीं बढ़ा जाएगा। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री दो दिवसीय इलाके के दौरे पर पहुंचे थे। वे स्थानीय लोगों से बातचीत कर इस मुद्दे पर उनकी राय लेने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सरकार स्थानीय लोगों की मांगों को किस हद तक पूरा कर पाती है, यह आने वाले समय में पता चल पाएगा।

ज्ञात हो कि प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री खांडू और उप मुख्यमंत्री चौना मीन के पुतले जलाए और गो बैक सीएम, गो बैक ओजिंग तासिंग और नो पीएफआर, नो सर्वे जैसे नारे लगाए। वे परियोजना की प्री-फ़ेज़िबिलिटी रिपोर्ट के आकलन के प्रति अपना पूर्ण असहयोग ज़ाहिर कर रहे थे।

सियांग इलाके के मूल निवासी समुदाय, जिनका प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से 'सियांग इंडिजिनस फ़ार्मर्स फ़ोरम' और स्थानीय युवा संगठन कर रहे हैं, कई महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि मेगा-डैम बनने से उनकी पुश्तैनी खेती की ज़मीनें डैम के पानी में डूब जाएंगी, धान की पारंपरिक खेती वाले खेत नष्ट हो जाएंगे, हज़ारों आदिवासी परिवार पूरी तरह विस्थापित हो जाएंगे और स्थानीय जैव-विविधता व सांस्कृतिक विरासत को खतरा पैदा होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी