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भविष्य की ओर एक कदम पर परिचर्चा आयोजित

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इटानगर, 27 जुलाई (हि.स.)। भारत सरकार क्षेत्रीय मीडिया के साथ बातचीत के तरीकों को मजबूत करने और सीधे जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत आने वाले प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने आज अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में एक 'वार्तालाप 2026' नामक परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया।

यह खास मीडिया आउटरीच कार्यक्रम केंद्र सरकार के 12 साल: सशक्तिकरण से समृद्धि तक, भविष्य की ओर एक कदम थीम पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का मकसद पिछले दशक में हासिल की गई विकास की अहम उपलब्धियों को उजागर करना और साथ ही 'जेम्स ऑफ इंडिया' चैलेंज को बढ़ावा देना था। यह एक व्यवस्थित राष्ट्रीय पहल है जिसे देश के हर कोने से जमीनी स्तर के डिजिटल क्रिएटर्स की पहचान करने, उन्हें निखारने और बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है।

इस कार्यक्रम में कई प्रमुख प्रशासनिक और शैक्षणिक हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें पीआईबी इटानगर के संयुक्त निदेशक उत्सव परमार; अरुणाचल प्रदेश सरकार के सूचना और जनसंपर्क विभाग के निदेशक गिजुम ताली और इटानगर स्थित राजीव गांधी विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के प्रोफेसर संजीव कुमार जेना शामिल थे।

सभा को संबोधित करते हुए, उत्सव परमार ने 'जेम्स ऑफ इंडिया' पहल को शुरू करने के पीछे के विजन को स्पष्ट किया। उन्होंने इसे अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और ऐतिहासिक मूल्यों को राज्य के युवाओं के नजरिए से देश के बाकी हिस्सों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

परमार ने कहा, 'जेम्स ऑफ इंडिया' प्रतियोगिता न केवल हमारे युवा क्रिएटर्स को अपनी कहानी कहने की प्रतिभा दिखाने के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी, बल्कि यह पूरे देश के लिए अरुणाचल प्रदेश की सुंदरता और भावना को जानने का एक शानदार जरिया भी बनेगी। उन्होंने स्थानीय युवाओं को उत्साहपूर्वक इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने पिछले 12 वर्षों में राज्य के शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी क्षेत्रों में हुई सकारात्मक प्रगति पर भी प्रकाश डाला।

राज्य की बदलाव लाने वाली यात्रा के बारे में बात करते हुए, निदेशक गिजुम ताली ने केंद्रीय पहलों के तहत पिछले 12 वर्षों में क्षेत्रीय विकास में आए स्पष्ट बदलाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे में तेजी से विस्तार और बेहतर हवाई व सड़क कनेक्टिविटी ने अरुणाचल प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को पूरी तरह से बदल दिया है।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी