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(अपडेट) काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 2026-27 पर्यटन सत्र के लिए खुला

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(अपडेट) काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 2026-27 पर्यटन सत्र के लिए खुला


गोलाघाट (असम), 03 अक्टूबर (हि.स.)। असम के वन मंत्री जयंत मल्लबरुवा ने शनिवार को कोहोरा रेंज में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व के 2026-27 पर्यटन सत्र का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। इस अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों का स्वागत किया गया। मंत्री अतुल बोरा और सांसद कामाख्या प्रसाद तासा भी उद्घाटन समारोह में मौजूद रहे।

नए पर्यटन सत्र के पहले दिन जीप सफारी शुरू कर दी गई। वहीं, आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद अगले 10 से 20 दिनों में हाथी सफारी भी शुरू होने की संभावना है। जयंत मल्लबरुवा ने उम्मीद जताई कि इस सत्र में पर्यटकों की संख्या पिछले सत्र के मुकाबले अधिक होगी। उन्होंने कहा कि शुरुआती बुकिंग के रुझान उत्साहजनक हैं।

वन मंत्री ने कहा कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वन और पर्यटन विभाग मिलकर बुनियादी ढांचे में सुधार, मौजूदा सुविधाओं के विकास और नए आकर्षण विकसित करने पर काम करेंगे। उन्होंने पर्यटन से स्थानीय लोगों को अधिक आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने तथा उन्हें पर्यटन गतिविधियों में भागीदार बनाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि काजीरंगा को आसपास के अन्य पर्यटन स्थलों से जोड़ने वाले नए पर्यटन सर्किट विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, ताकि पर्यटक दो से चार दिन तक क्षेत्र में रुककर विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर सकें।

बरुवा ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण काजीरंगा के पर्यटन आकर्षण का महत्वपूर्ण आधार है। एक सींग वाला गैंडा दुनियाभर के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल से गैंडे के शिकार में कमी आई है और इससे काजीरंगा की वन्यजीव पर्यटन स्थल के रूप में प्रतिष्ठा मजबूत हुई है।

उन्होंने पर्यटन विस्तार के साथ संरक्षित क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मंत्री ने वन विभाग, पर्यटन विभाग, स्थानीय समुदायों और अन्य हितधारकों से मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यटन विकास के साथ काजीरंगा की प्राकृतिक विरासत का संरक्षण और स्थानीय आबादी तक पर्यटन के लाभ पहुंचाना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश