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सभी धार्मिक संरचनाओं पर एक समान कार्रवाई की मांग

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इटानगर, 06 जून (हि.स.)। अखिल अरुणाचल प्रदेश मस्जिद कल्याण समिति (एएपीएमडब्ल्यूसी) ने राज्य सरकार से राजधानी इटानगर क्षेत्र की उन सभी मस्जिदों को खोलने की मांग की है, जिन्हें हाल ही में इटानगर जिला प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया था, या फिर सभी धार्मिक संरचनाओं, जिनमें मंडी और गिरजाघर को भी सील करने की मांग की है।

अरुणाचल प्रेस क्लब में आज मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए एएपीएमडब्ल्यूसी की प्रवक्ता जिया लिम्पेह सुल्तान ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के मुस्लिम समुदाय के साथ अन्याय हो रहा है, क्योंकि राज्य सरकार और राजधानी जिला प्रशासन मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। सभी धार्मिक संरचनाओं पर कानून समान रूप से लागू नहीं हो रहा है।

उन्होंने इटानगर क्षेत्र की कई धार्मिक संरचनाओं, जिनमें मंदिर, चर्च, गुरुद्वारा आदि शामिल हैं, की सूची प्रस्तुत की और दावा किया कि अन्य धर्मों की धार्मिक संरचनाओं पर समान मानदंड लागू नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने ऐसी संरचनाओं की सूची भी प्रस्तुत की,जिनके बारे में उनका कहना था कि उनमें भी पंजीकरण दस्तावेज और वैधानिक मंजूरी नहीं थी, जिनका हवाला देते हुए प्रशासन ने मस्जिदों को सील किया था।

समिति ने कहा कि कुछ मस्जिदों को पंजीकरण और अनुमति से संबंधित कारणों से अनधिकृत घोषित कर दिया गया है, और सवाल उठाया कि इसी तरह की कमियों का सामना कर रही अन्य धार्मिक संरचनाओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

समिति के एक प्रतिनिधि ने कहा, यदि इन आधारों पर मस्जिदों को अवैध घोषित किया जा रहा है, तो यही मानदंड धर्म की परवाह किए बिना सभी धार्मिक संरचनाओं पर लागू होना चाहिए।

समिति ने सील की गयी मस्जिदों को तुरंत खोलने की मांग की और सभी धार्मिक ढांचों के खिलाफ, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, बिना आवश्यक अनुमति के संचालित होने पर इसी तरह की जांच और कार्रवाई करने का आह्वान किया। समिति ने चेतावनी दी कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी