गौविवि के ‘विश्वविद्यालय सप्ताह’ का सफल समापन
गुवाहाटी, 02 मार्च (हि.स.)। युवा शक्ति के उत्साह, सृजनशीलता के रंग और खेल भावना की ऊर्जा से सराबोर, राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) द्वारा ए+ ग्रेड प्राप्त तथा असम के सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र गौहाटी विश्वविद्यालय में आठ दिवसीय भव्य कार्यक्रमों के साथ ‘विश्वविद्यालय सप्ताह’ का आज सफल समापन हुआ। इस अवसर पर सृजनात्मकता, खेल प्रतिभा और सांस्कृतिक विविधता का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कुलपति प्रोफेसर ननी गोपाल महंत ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा, “विश्वविद्यालय सप्ताह विद्यार्थियों की अपार संभावनाओं और सुप्त प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने के लिए एक उपयुक्त मंच प्रदान करता है। खेल, साहित्य और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सभी की उत्साहपूर्ण भागीदारी, अनुशासन और समर्पण ने विश्वविद्यालय की गरिमा को बढ़ाया है। जीत-हार से ऊपर उठकर प्रतियोगिताओं में भाग लेने की भावना ही शिक्षा और नेतृत्व की सुदृढ़ नींव तैयार करती है। मुझे विश्वास है कि यह उत्साह और आत्मविश्वास भविष्य में भी सभी के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा।”
समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर उत्पल शर्मा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. रंजन कुमार काकती, उप छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. कुलदीप पाटगिरि, अंकुर भराली (निदेशक, खेल एवं युवा कल्याण निदेशालय), विशिष्ट गायिका डॉ. मौसुमी सहरिया, प्रसिद्ध अभिनेत्री चेतना दास तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य हेराल्ड मोहन सहित अनेक विशिष्ट अतिथि और शिक्षकगण उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि आठ दिनों तक चले इस उत्सव में खेल, साहित्य, संगीत, नृत्य, ललित कला तथा अन्य विभागों के अंतर्गत क्विज़, वाद-विवाद, एकांकी नाटक, कबड्डी, एकल अभिनय आदि सहित सौ से अधिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जुबिन गर्ग के गीतों पर आधारित संगीत प्रतियोगिता में भी अनेक विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपने प्रिय कलाकार के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
असम की लोकप्रिय गायिका दीपान्विता डेका सहित कई विशिष्ट व्यक्तियों की सहभागिता से आयोजित ‘सांस्कृतिक शोभायात्रा’ में भाषा, संस्कृति, साहित्य, सिनेमा और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों को समाहित करते हुए असम तथा उत्तर-पूर्व भारत के विविधतापूर्ण इतिहास को प्रस्तुत किया गया। स्मृतियों, अनुभवों और प्रेरणा से समृद्ध इस आठ दिवसीय उत्सव ने विद्यार्थियों के मन में सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हुए भविष्य के लिए नए उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया।
हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर

