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असम में कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की केंद्रीय सचिव ने की समीक्षा

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असम में कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की केंद्रीय सचिव ने की समीक्षा


गुवाहाटी, 28 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने बुधवार को असम में मंत्रालय की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में नशे की मांग में कमी लाने, अनुसूचित जातियों के विकास, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, सफाई कर्मियों की सुरक्षा और कमजोर वर्गों के पुनर्वास से संबंधित योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया।

गुवाहाटी स्थित लोकसेवा भवन में आयोजित बैठक में असम सरकार के गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय तिवारी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव पल्लव गोपाल झा तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

समीक्षा बैठक के दौरान सुधांश पंत ने कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को नोडल विभाग के रूप में प्रभावी भूमिका निभाते हुए संबंधित विभागों और कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करना चाहिए। उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना और नमस्ते योजना के तहत विभिन्न विभागों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता भी रेखांकित की।

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत असम के सभी जिलों में जागरूकता गतिविधियां संचालित की गई हैं। इसके अंतर्गत 10,614 शैक्षणिक संस्थानों में 6,575 गतिविधियों के माध्यम से 27.71 लाख लोगों तक पहुंच बनाई गई है। राज्य में 13,712 नशा मुक्ति मित्र स्वयंसेवक पंजीकृत हैं और 2,24,783 लोगों ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नशामुक्ति की शपथ ली है। असम में नशे की लत से मुक्ति और पुनर्वास के लिए 16 एकीकृत पुनर्वास केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित छह नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र भी संचालित हैं।

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत राज्य के 721 अनुसूचित जाति बहुल गांवों को समग्र विकास के लिए शामिल किया गया है। योजना के आजीविका घटक के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और व्यक्तिगत अनुसूचित जाति की महिलाओं सहित 5,269 लाभार्थियों को मंजूरी दी गई है। इस मद में कुल 26.34 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता निर्धारित की गई है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में 28 मिनी स्टेडियमों के निर्माण की योजना भी शामिल है।

नमस्ते योजना के तहत राज्य के 96 शहरी स्थानीय निकायों में 483 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों और 6,365 कचरा बीनने वालों का विवरण दर्ज किया गया है। इस योजना का उद्देश्य कार्यस्थल पर सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, स्वास्थ्य कवरेज और सफाई कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देना है।

बैठक में अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के संरक्षण तथा स्माइल योजना के अंतर्गत भिक्षावृत्ति में संलग्न लोगों के पुनर्वास की भी समीक्षा की गई।

राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत असम में 10,715 वरिष्ठ नागरिकों को सहायता प्रदान की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में 27 अक्टूबर तक लाभार्थियों को 48,756 सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं।

केंद्रीय सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार और संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं का समय पर समाधान करने तथा विभागों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सफल पहलों का दस्तावेजीकरण करने और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता भी बताई, ताकि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ राज्य के लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश