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बेरोजगार नर्सेस एसोसिएशन ने 70:30 अनुपात वाली मांग का किया विरोध

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इटानगर, 19 सितंबर (हि.स.)। 'ऑल अरुणाचल प्रदेश बेरोजगार नर्सेस एसोसिएशन' ने आज 'ऑल अरुणाचल प्रदेश कॉन्ट्रैक्चुअल नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन' की 70:30 के अनुपात वाली मांग—जिसमें कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रही नर्सों के लिए 70% और नए उम्मीदवारों के लिए 30% पद आरक्षित करने की मांग का विरोध करते हुए मांग को गलत बताया है।

ज्ञात हो कि बीते 2024 के भर्ती नियमों को लागू करने के लिए 70:30 के अनुपात में बदलाव की मांग का विरोध करते हुए, 'ऑल अरुणाचल प्रदेश बेरोजगार नर्सेस एसोसिएशन' की प्रवक्ता टाम रीटा ने कहा कि वरिष्ठता-आधारित 70:30 भर्ती फॉर्मूले की मांग का कोई औचित्य नहीं है, राज्य सरकार पहले ही 2024 के भर्ती नियमों के नोटिफिकेशन के बाद, कुल रिक्त पदों में से 70% का उपयोग करके 462 कॉन्ट्रैक्ट नर्सों को बिना किसी परीक्षा के नियमित कर चुकी है। इसलिए, बाकी बचे 30% पदों (कुल 239 पद) के लिए अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से योग्यता-आधारित परीक्षा आयोजित की जानी है।

उन्होंने कहा कि अब वे इन बचे हुए 239 पदों में से भी 70% की मांग कर रहे हैं, जो कि सही नहीं है। हम इस मांग का विरोध करते हैं।

उन्होंने अधिकारियों से 2024 के भर्ती नियमों को लागू करने का आग्रह किया, जिनमें अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा के माध्यम से भर्ती का प्रावधान है और जन सूचना के अनुसार, सभी पदों के लिए 100% लिखित परीक्षा होनी है।

उन्होंने कहा कि उम्र, शादी, गर्भावस्था और पारिवारिक जिम्मेदारियों जैसे कारकों का उपयोग प्राथमिकता देने के आधार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि कई बेरोजगार और योग्य नर्सें भी परीक्षा का इंतजार करते हुए ऐसी ही परिस्थितियों का सामना कर रही हैं।

उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर परीक्षा आयोजित करने में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कि हजारों बेरोजगार नर्सिंग ग्रेजुएट प्रतिस्पर्धा करने के अवसर का इंतजार कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने मांग की कि सभी शेष रिक्तियों को परीक्षा के माध्यम से भरा जाए और कॉन्ट्रैक्ट नर्सों को भी उसी प्रक्रिया के तहत प्रतिस्पर्धा करने का अवसर दिया जाए ताकि समान अवसर, पारदर्शिता और योगयता-आधारित भर्ती की मांग की और अधिकारियों से बिना किसी और देरी के परीक्षा आयोजित करने का आग्रह किया।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी