अरुणाचल प्रदेश को भारत से अलग दिखाने वाले यूएन मानचित्र पर पेमा खांडू ने जताई आपत्ति
इटानगर, 10 सितंबर (हि.स.)। संयुक्त राष्ट्र द्वारा हाल में प्रकाशित एक मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश को भारत से अलग विवादग्रस्त क्षेत्र दिखाए जाने पर राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस चित्रण को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।
खांडू ने कहा कि वह अरुणाचल प्रदेश की जनता की ओर से इस तरह के चित्रण की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की भारत से अलग कोई पहचान नहीं है और उसकी क्षेत्रीय स्थिति को लेकर किसी भी तरह का गलत चित्रण स्वीकार्य नहीं है।
विवाद उस समय सामने आया जब संयुक्त राष्ट्र के एक मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश को भारत और चीन के क्षेत्रीय दावों के बीच एक अलग क्षेत्र के रूप में दिखाया गया। मानचित्र में अक्साई चीन को भी अलग क्षेत्र के तौर पर प्रदर्शित किया गया है।
भारत ने मानचित्र में सामने आई इन विसंगतियों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अधिक सटीक और समानतापूर्ण मानचित्रण से संबंधित संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के समर्थन को किसी विशेष मानचित्र की स्वीकृति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने भी कहा है कि भारत ने मानचित्र में मौजूद विसंगतियों का मुद्दा संबंधित लोगों के समक्ष उठाया है।
रिपोर्ट के अनुसार, एक जुलाई को प्रकाशित मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश को असम और चीन की सीमा से लगा एक स्वतंत्र राज्य दर्शाया गया था तथा नगालैंड के साथ उसकी सीमा को हटा दिया गया था। संयुक्त राष्ट्र ने अभी तक रिपोर्ट में उठाए गए इन बदलावों पर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
पेमा खांडू की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अंतरराष्ट्रीय मानचित्रों में अरुणाचल प्रदेश के चित्रण को लेकर फिर से चर्चा तेज हुई है। भारत लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश को अपना अभिन्न हिस्सा बताता रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

