निलंबित अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त करने की मांग
इटानगर, 16 जून (हि.स.)। ऑल अरुणाचल प्रदेश यूथ ऑर्गनाइज़ेशन (आपियो) ने अरुणाचल प्रदेश सरकार और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से अपील की है कि वे नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (नेरिस्ट), निर्जुली, अरुणाचल प्रदेश के दो निलंबित अधिकारियों को तुरंत नौकरी से बर्खास्त किया जाए। साथ ही आपियों ने मांग की कि डायरेक्टर प्रो. नरेंद्रनाथ एस को इस्तीफ़े पर जाने से रोकें, जिन्हें हाल ही ज़बरदस्ती इस्तीफ़ा देने को मजबूर किया गया है।
आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए आपियो के अध्यक्ष किपा कनम ने कहा कि नेरिस्ट एक प्रतिष्ठित संस्थान है, लेकिन अंदरूनी गंदी राजनीति के कारण इसकी छवि और गुणवत्ता को नुकसान पहुंच रहा है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री पेमा खांडू और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को ज्ञापन सौंपा है।
उन्होंने संस्थान के नॉन-टीचिंग स्टाफ़ की भर्ती के नियमों 2022 में कथित अनियमितताओं और हेरफेर के सिलसिले में निलंबित किए गए दोनों अधिकारियों- माई कुरु कैम्डर और डोगे कामडुक को नौकरी से हटाने और नेरिस्ट के डायरेक्टर को ज़बरदस्ती इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
माई कुरु कैम्डर के प्रमोशन प्रणाली का ज़िक्र करते हुए कानम ने आरोप लगाया कि ज्वाइंट रजिस्ट्रार के पद से रजिस्ट्रार के पद पर उनका प्रमोशन गैर-कानूनी था क्योंकि नेरिस्ट में रजिस्ट्रार का कोई पद खाली नहीं था और डोगे कामडुक का सेक्शन ऑफ़िसर से असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद पर प्रमोशन भी गैर-कानूनी और धोखाधड़ी से किया गया था।
दोनों अधिकारियों के निलंबित होने के ठीक एक दिन बाद, डायरेक्टर को उनके पद से इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर किया गया, जो पूरी तरह से गलत है और गुंडों व माफियाओं की खुली एंट्री से नेरिस्ट प्रशासन की गरिमा को नुकसान पहुंचा है; इसलिए हम उन बाहरी छात्र संगठनों के लोगों, जिनमें वे दो अधिकारी और अन्य फैकल्टी सदस्य भी शामिल हैं जिन्होंने डायरेक्टर से ज़बरदस्ती इस्तीफ़ा लेने में मदद की, उनकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हैं।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने के बजाय उन्हें तुरंत नौकरी से बर्खास्त किया जाए। साथ ही, उन्होंने आम जनता, समाज के नेताओं और छात्र संगठनों से अपील की कि वे संस्थान में गंदी राजनीति न करें, क्योंकि नेरिस्ट जैसा संस्थान छात्रों के लिए किसी पवित्र स्थल के समान है और छात्र ही देश की रीढ़ हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

