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तामुलपुर में मृदा संरक्षण की दो महत्वपूर्ण पहल

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तामुलपुर में मृदा संरक्षण की दो महत्वपूर्ण पहल


तामुलपुर में मृदा संरक्षण की दो महत्वपूर्ण पहल


-लगभग 2.25 करोड़ रुपये की परियोजना का शुभारंभ, बाढ़ एवं कटाव से बचाव पर जोर

तामुलपुर (असम), 14 सितम्बर (हि.स.)। तामुलपुर जिले में आपदा न्यूनीकरण, मृदा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सोमवार को दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। असम सरकार के मृदा संरक्षण विभाग एवं बक्सा मृदा संरक्षण प्रमंडल के तत्वावधान में इन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

गोरेश्वर विधानसभा क्षेत्र के मटिगांव में एसडीएमएफ 2025-26 योजना के तहत लगभग 2.25 करोड़ रुपये की लागत वाली जैव-अभियांत्रिकी आधारित परियोजना का शिलान्यास किया गया। परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में बाढ़, मृदा कटाव एवं भूस्खलन के प्रतिकूल प्रभाव को कम करना है। नंबर-2 कौली प्राथमिक विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में गोरेश्वर के विधायक विक्टर कुमार दास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने परियोजना की आधारशिला रखी।

इस अवसर पर विधायक ने कहा कि आधुनिक जैव-अभियांत्रिकी तकनीक पर आधारित यह परियोजना मटिगांव के साथ-साथ नाग्रीजुली परिषद क्षेत्र और आसपास के इलाकों में लंबे समय से चली आ रही बाढ़ एवं कटाव की समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बीटीसी के कार्यकारी सदस्य कर्मेश्वर राय ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के साथ-साथ पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

वहीं, बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) की कार्यकारी सदस्य लक्ष्मी दास ने परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं दीर्घकालिक रखरखाव के लिए स्थानीय समुदाय के सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। कार्यक्रम में तामुलपुर की अतिरिक्त जिला आयुक्त हेमाश्री खानिकार, विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

इसी क्रम में कुमारीकाटा के निकट अंगारकाटा ढेकियाबस्ती स्थित मृदा संरक्षण विभाग की नर्सरी में डबल्यूडीसी-बीएमकेएसवाई 2.0 योजना के तहत विशेष पौधरोपण एवं पौधा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ आपदा न्यूनीकरण एवं मृदा कटाव नियंत्रण को मजबूत करना था।

कार्यक्रम में आम, हरितकी, भोमरा एवं कृष्णचूड़ा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों तथा कटाव नियंत्रण के लिए उपयोगी विशेष किस्म की बिरिना घास का वितरण किया गया। बीटीसी कार्यकारी सदस्य कर्मेश्वर राय ने मुख्य अतिथि के रूप में पौधों एवं बिरिना घास के वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नदी किनारे एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में वैज्ञानिक तरीके से बिरिना घास और उपयुक्त वृक्ष प्रजातियों का रोपण मृदा कटाव को नियंत्रित करने में प्रभावी साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की उचित देखभाल, सुरक्षा एवं नियमित रखरखाव भी जरूरी है। तभी इन योजनाओं के अपेक्षित परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे और पर्यावरणीय संतुलन तथा जैव विविधता संरक्षण को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम का संचालन बाक्सा जिला मृदा संरक्षण विभाग के डिविजनल अधिकारी तफीकुर रहमान की देखरेख में किया गया। इस अवसर पर 64वीं बटालियन एसएसबी के सहायक कमांडेंट राहुल सिंह एवं एसएसबी जवानों के अलावा सीएचडी, मृदा संरक्षण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा