भारत-चीन सीमा क्षेत्र में सफलतापूर्वक उगाया गया ट्यूलिप
इटानगर, 07 मार्च (हि.स.)। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. ओयिंग जामोह के नेतृत्व
में एक टीम ने अरुणाचल प्रदेश के अनिनी दिबांग घाटी जिले में भारत-चीन सीमा के
निकट पहली बार ट्यूलिप फूल को सफलतापूर्वक उगाए और जिसमें फूल भी निकलने लगा है।
यह अभूतपूर्व वैज्ञानिक परीक्षण कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), दिबांग घाटी के बागवानी विशेषज्ञ डॉ. ओयिंग जामोह द्वारा किया गया, जो राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में पुष्पकृषि के लिए एक आशाजनक शुरुआत है।
यह परीक्षण जम्मू और कश्मीर से मंगाई गई 13 किस्मों के 10,000 ट्यूलिप बल्बों का उपयोग करके किया गया।
डॉ. ओयिंग जामोह ने कहा कि अधिकांश किस्मों ने अनिनी की अनुकूल जलवायु में
अच्छी वृद्धि दिखाई। विधायक मोपी मिहू द्वारा वित्त पोषित और केवीके अनिनी के
सहयोग से शुरू की गई इस पहल से पुष्पकृषि को बढ़ावा मिलने, किसानों के लिए आजीविका के अवसर पैदा होने और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा
मिलने की उम्मीद है।
इस पहल का उद्देश्य अनिनी क्षेत्र में ट्यूलिप की खेती की व्यवहार्यता का
मूल्यांकन करना था, माना जाता है कि कृषि-जलवायु परिस्थितियां जम्मू और कश्मीर
के प्रसिद्ध ट्यूलिप उत्पादक क्षेत्रों से उल्लेखनीय रूप से मिलती-जुलती हैं। ठंडी
शीतोष्ण जलवायु, उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल स्थलाकृति से संपन्न यह शांत घाटी
स्थानीय परिस्थितियों में विभिन्न ट्यूलिप किस्मों की अनुकूलता और प्रदर्शन का
परीक्षण करने के लिए एक आदर्श प्राकृतिक प्रयोगशाला प्रदान करती है।
परीक्षण के परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं। अधिकांश किस्मों ने अनिनी की
अनूठी कृषि-जलवायु परिस्थितियों में उत्कृष्ट वृद्धि और पुष्पन प्रदर्शन दिखाया।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

