त्रिपुरा: तिपरा मोथा ने 1,548 ग्राम समिति सीटें निर्विरोध जीतीं, भाजपा को 82 सीटें
अगरतला, 12 सितंबर (हि.स.)। त्रिपुरा में आगामी ग्राम समिति चुनावों से पहले सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी तिपरा मोथा पार्टी ने जनजातीय क्षेत्रों में अपनी मजबूत स्थिति का संकेत दिया है। पार्टी ने छठी अनुसूची वाले क्षेत्रों की 587 ग्राम समितियों की कुल 4,597 सीटों में से 1,548 पर निर्विरोध जीत दर्ज की है।
त्रिपुरा राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अनुराग सेन ने शनिवार को बताया कि नामांकन पत्र वापस लेने की प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी होने के बाद कुल 1,630 सीटों पर मतदान नहीं होगा। इनमें तिपरा मोथा ने 1,548 सीटें निर्विरोध जीती हैं, जबकि भाजपा के खाते में 82 निर्विरोध सीटें गई हैं।
शेष 2,967 सीटों के लिए 28 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। इन सीटों पर तिपरा मोथा, भाजपा, माकपा, कांग्रेस और अन्य दलों के कुल 9,820 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। तिपरा मोथा ने सर्वाधिक 4,279 उम्मीदवार उतारे हैं। इसके बाद माकपा के 2,151 और भाजपा के 1,853 उम्मीदवार मैदान में हैं।
चुनाव पर्यवेक्षक शेखर दत्ता के अनुसार, निर्विरोध जीत से जनजातीय क्षेत्रों में तिपरा मोथा की राजनीतिक स्थिति और मजबूत हुई है। अप्रैल में त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद चुनाव में भी पार्टी ने सफलता हासिल की थी।
इन चुनावों के परिणाम 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। बेहतर प्रदर्शन से तिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा की भाजपा के साथ संभावित सीट बंटवारे की बातचीत में स्थिति मजबूत हो सकती है।
त्रिपुरा के भौगोलिक क्षेत्र का करीब दो-तिहाई हिस्सा जनजातीय क्षेत्रों में आता है, जो राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। 2023 में तिपरा मोथा के उभार और अलग ‘ग्रेटर तिपरालैंड’ की मांग ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को काफी प्रभावित किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

