त्रिपुराः तिपरा मोथा के 24 एमडीसी पार्षदों का शपथ ग्रहण संपन्न
- प्रद्योत देबबर्मा ने नए त्रिपुरा के लिए युवाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता की अपील
अगरतला, 27 अप्रैल (हि.स.)। तिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के संस्थापक प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने सोमवार को कहा कि एक नया त्रिपुरा और एक नया भारत बन रहा है और अगर युवाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और अवसरों को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो पूरे समाज को नुकसान होगा और राज्य तथा राष्ट्र को भी नुकसान होगा।
प्रद्योत ने आज त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद के नव-निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों (एमडीसी) के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद उपरोक्त बातें कहीं।
आज, तिपरा मोथा पार्टी के 24 नव-निर्वाचित एमडीसी ने शपथ ली, जिन्हें विधि सचिव शंकरी दास ने शपथ दिलाई, जबकि भाजपा के 4 एमडीसीएस ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया। बाद में, प्रद्योत ने कहा कि हर किसी को व्यवस्था बदलने और उसके विकास तथा प्रगति के लिए काम करने की जरूरत है। सबसे पहले, हमें अपनी सोच बदलनी होगी।
उन्होंने कहा कि एक नया त्रिपुरा और एक नया भारत बन रहा है। अगर हम युवाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और अवसरों को प्राथमिकता नहीं देंगे तो पूरे समाज और राज्य तथा राष्ट्र को भी नुकसान होगा। मैं एक ऐसा प्रशासन चाहता हूं जो आगे आए और जो अपनी मनमर्ज़ी से काम न करे। प्रद्योत ने कहा कि बड़े बदलाव और सुधार जरूरी हैं, क्योंकि उन्हें एहसास हुआ कि सिर्फ़ व्यवस्था को साफ़ करने के लिए काम करना काफ़ी नहीं होगा, बल्कि हमें कुछ बदलाव भी करने होंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में मैं बदलाव चाहता था और नई चीज़ें लाना चाहता था। अगर हम एक नया त्रिपुरा और युवा त्रिपुरा चाहते हैं तो हमें व्यवस्था को बदलना और साफ़ करना होगा। हमें अपना रवैया भी बदलना होगा। हमें ऐसे लोगों को शामिल करना होगा जो सिर्फ़ राजनेता ही नहीं हैं, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं, जैसे पूर्व आईएएस अधिकारी, न्यायपालिका से जुड़े लोग, छात्र और कला तथा संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े लोग, ताकि हम पीने का पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्यमिता उपलब्ध कराने के लिए नई योजनाएं बना सकें।
उन्होंने भारत सरकार से भी अपील की कि टीटीएएडीसी के बिना त्रिपुरा का विकास संभव नहीं है, इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि अब जब चुनाव खत्म हो गए हैं, तो हम टीटीएएडीसी के लोगों के विकास के लिए काम करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

