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त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर भारत की पहली मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाई

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त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर भारत की पहली मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाई


गुवाहाटी, 04 जुलाई (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने त्रिपुरा और पूर्वोत्तर में पहली मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (मेमू) ट्रेन सेवा शुरू कर यात्री रेल परिवहन के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत की है। त्रिपुरा के माननीय मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज अगरतला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 75679/75680 (अगरतला- करीमगंज-अगरतला) मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन अब तक डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डेमू) सेवा के तौर पर चल रही थी, जिसे अब सफलतापूर्वक नई मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (मेमू) से प्रतिस्थापित कर अपग्रेड किया गया। यह बदलाव इस रूट के बिजलीकरण के बाद एक बड़ी तकनीकी प्रगति को दर्शाता है।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया है कि यह ऐतिहासिक घटना पूसीरे के आधुनिकीकरण, सुदृढ़ परिवहन और यात्रियों की बेहतर सुविधा की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो पूरे क्षेत्र में रेल रूटों के तेज़ी से हुए बिजलीकरण के बाद हासिल हुई है। इस अवसर पर आयोजित समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थिति थे, जिनमें त्रिपुरा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले, परिवहन और पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी, राज्यसभा सांसद राजीब भट्टाचार्जी, विधायक मीना रानी सरकार के साथ-साथ पूसीरे के लामडिंग मंडल के मंडल रेल प्रबंधक और अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारी शामिल थे।

त्रिपुरा के साथ-साथ पूरे पूर्वोत्तर में पहली मेमू सेवा शुरू होना पूसीरे के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसका उद्देश्य अधिक तेज़, स्वच्छ और बेहतर रेल कनेक्टिविटी प्रदान करना है। डीज़ल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डेमू) ट्रेनों के विपरित मेमू ट्रेनें इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर चलती हैं, जिससे ये पर्यावरण के अनुकूल, ऊर्जा कुशल और किफायती होती हैं। मेमू ट्रेनों की गति तेज़ी से बढ़ती और घटती है, जिससे स्टेशनों के बीच तेज़ी से आवाजाही होती है और उपनगरीय व कम दूरी के रूट पर यात्रा का कुल समय कम हो जाता है। इससे परिचालन के दौरान यात्रा काफी आरामदायक होता है, शोर कम होता है, रखरखाव की ज़रूरत कम पड़ती है और शून्य उत्सर्जन होता है। इस तरह ये भारतीय रेल की हरित और स्थायी परिवहन प्रणाली बनाने की प्रतिबद्धता में योगदान देती हैं।

नई अगरतला-करीमगंज-अगरतला मेमू सेवा से प्रतिदिन सफ़र करने वालों, छात्रों, कार्यालय जाने वालों, व्यापारियों और पर्यटकों को काफ़ी लाभ होगा। यह त्रिपुरा और असम के आस-पास के क्षेत्रों के बीच परिवहन का एक विश्वसनीय, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल माध्यम देगी। बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों का आना-जाना सुलभ होगा। पड़ोसी राज्यों के बीच सामाजिक और आर्थिक संबंध मज़बूत होंगे तथा क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह सेवा छोटे कारोबारियों और कामगारों के लिए सुविधाजनक यात्रा प्रदान कर स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा देने के साथ-साथ सड़क मार्ग के बजाय रेल परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करेगी। त्रिपुरा और पूर्वोत्तर में पहली मेमू ट्रेन के तौर पर, यह अग्रणी पहल पूसीरे के उस विज़न को प्रदर्शित करती है, जिसका उद्देश्य आधुनिक, मजबूत और ग्राहक-केंद्रित रेल सेवाओं के ज़रिए रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलना, यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना और पूरे क्षेत्र के विकास में योगदान देना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय