राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ‘भारती बहुभाषी अनुवाद सारथी’ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
बंगाईगांव (असम), 18 मार्च (हि.स.)। राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ‘भारती बहुभाषी अनुवाद सारथी’ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, गुवाहाटी के तत्वावधान में तथा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, बंगाईगांव रिफाइनरी के सहयोग से बंगाईगांव रिफाइनरी के आरसीसीसी सभागार में “भारती बहुभाषी अनुवाद सारथी” विषय पर पूर्वोत्तर के कार्यालयों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अंशुली आर्य, भप्रसे, सचिव, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भारत की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए तकनीक आधारित अनुवाद प्रणालियां प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुलभ, प्रभावी एवं समावेशी बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने “भारती बहुभाषी अनुवाद सारथी” को राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
इस अवसर पर एन के बरुवा, कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख सह अध्यक्ष, नराकास, बंगाईगांव ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से भाषा संबंधी कार्यों में दक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को उनके कार्यक्षेत्र में राजभाषा के प्रभावी उपयोग हेतु सक्षम बनाएगा।
कार्यक्रम में राजीव कुमार नायक, उप निदेशक (कार्यान्वयन), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, गुवाहाटी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं महत्त्व पर प्रकाश डाला।
तकनीकी सत्र सी-डेक, पुणे से शशिपाल सिंह एवं उनकी टीम द्वारा संचालित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को “भारती बहुभाषी अनुवाद सारथी” मंच की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं व्यवहारिक अनुप्रयोगों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल कमांडेंट पीके मिश्रा तथा भारतीय स्टेट बैंक के मंडल विकास अधिकारी सतीश कुमार शर्मा सहित पूर्वोत्तर की विभिन्न नराकास के सदस्य सचिव, हिंदी अधिकारी, अनुवादक एवं विभिन्न संगठनों के राजभाषा से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बहुभाषीय अनुवाद की तकनीकी प्रक्रियाओं तथा सरकारी कार्यों में उनके प्रभावी उपयोग के संबंध में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

