गुवाहाटी में महाअष्टमी की धूम: पांडालों में उमड़े भक्त, संधि पूजा और कुमारी पूजा से गूंजा असम
गुवाहाटी, 19 अक्टूबर (हि.स.)। महाअष्टमी के पावन अवसर पर आज असम के कोने-कोने में स्थित पूजा पांडाल भक्तों की भीड़ और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंज उठे। महाअष्टमी के दिन माता दुर्गा के आठवें स्वरूप देवी महागौरी की विशेष आराधमा की जाती है। आज सुबह से ही अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद नवमी तिथि का आरंभ हो गया, जिसके चलते सुबह से ही पांडालों में मां को अंजलि अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इसके बाद विधि-विधान के साथ संधि पूजा और नवमी पूजा की अंजलि भी प्रदान की गई।
तेजपुर के ऐतिहासिक भैरवी मंदिर में भी अशुभ शक्तियों के विनाश तथा समाज से बुरी ताकतों के खात्मे की कामना के साथ भक्तों ने माता दुर्गा के दरबार में प्रार्थना की। सुबह से ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार नजर आया।
गुवाहाटी के नीलाचल पहाड़ी पर स्थित शक्तिपीठ कामाख्या धाम में भी महाअष्टमी का पर्व बेहद उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यहां परंपराओं का पूरी निष्ठा से पालन करते हुए अष्टमी पूजा के साथ-साथ विशेष कुमारी पूजा का आयोजन भी किया गया। सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिला।
दूसरी ओर, पूजा और रोशनी से सजे पंडालों को देखने के लिए लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा है। देर रात तक पूजा पांडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है। लोग अपने परिवार के सदस्यों, परिजनों और मित्रों के साथ एक पांडाल से दूसरे पांडाल जाकर मां के दर्शन करने के लिए उमड़ रहे हैं।
कल नवमी तिथि का समापन हो जाएगा, जिसके पश्चात विजया दशमी के साथ इस साल के दुर्गाोत्सव का समापन होगा और मां को विदाई दी जाएगी। इसके साथ ही हर साल की तरह एक बार फिर मां के आगामी आगमन का इंतजार शुरू हो जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर

