तिनसुकिया में 15 वर्षों का सबसे बड़ा निजी निवेश, ब्रह्मपुत्र की गाद से बनेंगी ईंटें
गुवाहाटी, 29 अक्टूबर (हि.स.)। असम के तिनसुकिया जिले में औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है। कभी उग्रवाद का प्रमुख केंद्र रहे इस जिले में पिछले 15 वर्षों का सबसे बड़ा निजी निवेश हुआ है। इसके तहत ब्रह्मपुत्र नदी की गाद से पर्यावरण अनुकूल ईंटों का निर्माण करने वाला संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संयंत्र में ब्रह्मपुत्र नदी की गाद का उपयोग भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले ईंटों के विकल्प तैयार करने के लिए किया जाएगा। संयंत्र से प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ पारंपरिक लाल ईंटों की जगह लेने में सक्षम निर्माण सामग्री तैयार होने की उम्मीद है।
सरमा ने इस बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा, “गोलियों से ईंटों तक”। उन्होंने विकास की इस तस्वीर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व से जोड़ते हुए लिखा, “इसीलिए मोदी कहीं नहीं जाएगा।”
इस परियोजना से नदी की गाद का उपयोग निर्माण सामग्री बनाने में किया जा सकेगा। साथ ही, तिनसुकिया में औद्योगिक गतिविधियों और निजी निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

