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पापुम पारे में बाघ के मौजूदगी की वन विभाग ने की पुष्टि

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इटानगर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश वन विभाग ने पापुम पारे जिले के सांगडुमपोटा सर्कल इलाके के बाम और बेसेर्निलो के पास एक वयस्क बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे अगले दो हफ्तों तक जंगल में जाने, नदियों के किनारे जाने या जंगल से जुड़े इलाकों में कोई भी बाहरी गतिविधि करने से बचें। स्थानीय लोगों को यह भी सलाह दी गई है कि वे सुबह-सुबह, शाम और रात के समय दोपहिया वाहनों से यात्रा करने से बचें, अपने वाहनों की खिड़कियां बंद रखें और घने जंगलों वाले इलाकों से दूर रहें।

बांदेरदेवा रेंज के वन अधिकारी ताचिन सिदिसो ने बताया कि 15 अक्टूबर की सुबह ग्रामीणों ने बाघ के ताज़ा पंजों के निशान और उसके शरीर के बाल देखे, जिसके बाद वन विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और जानकारी की पुष्टि की। उसके बाद से विभाग के लोग तलाशी अभियान जारी रखे हुए है' ताज़ा सबूत 'लोअर रोपंग' गांव से मिले हैं, जो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जोटे से लगभग नौ किलोमीटर दूर स्थित है। बाघ की प्रजाति की पहचान करने के लिए कुछ नमूने फोरेंसिक लैब में भेजे गए हैं।

गांव के मुखिया ने बताया कि बाघ ने गांव वालों के एक 'मिथुन' (एक प्रकार का पालतू पशु) का शिकार किया है कुछ हिस्सा खा लिया है। उन्होंने मिथुन के मालिक के प्रति सहानुभूति जताते हुए मदद की अपील की है। इस बीच, वन विभाग ने स्थिति पर नज़र रखने के लिए गश्त बढ़ा दी है और ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे आस-पास के जंगलों, नदियों के किनारों और सुनसान जगहों पर जाने से बचें। साथ ही, जंगल के किनारों के पास अनावश्यक रूप से आने-जाने से बचें, खासकर सुबह-सुबह और देर शाम के समय। जारी की गई सलाह में लोगों को यह भी चेतावनी दी गई है कि वे बाघ के करीब न जाएं, उसका पीछा न करें, उसे उकसाएं नहीं और उसे पकड़ने की कोशिश भी न करें। माता-पिता से कहा गया है कि वे अपने बच्चों पर कड़ी नज़र रखें और उन्हें अकेले किसी सुनसान जगह पर न जाने दें।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी