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(अपडेट) नए रूप में सजेगा डॉ. भूपेन हजारिका का समाधि स्थल ‘समन्यवय तीर्थ’

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(अपडेट) नए रूप में सजेगा डॉ. भूपेन हजारिका का समाधि स्थल ‘समन्यवय तीर्थ’


(अपडेट) नए रूप में सजेगा डॉ. भूपेन हजारिका का समाधि स्थल ‘समन्यवय तीर्थ’


-डिजिटल थिएटर और सेल्फी जोन जैसी आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस

गुवाहाटी, 11 जुलाई (हि.स.)।

असम के गौरव, भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका के जालुकबाड़ी स्थित समाधि स्थल ‘समन्वय तीर्थ’ को एक नया और आधुनिक रूप देने की तैयारी चल रही है। राज्य सरकार ने इस ऐतिहासिक स्थल के कायाकल्प की एक बड़ी योजना तैयार की है। ज्ञात हो कि हर साल इसी समाधि स्थल पर 'सुधाकंठ' डॉ. भूपेन हजारिका की जयंती और पुण्यतिथि का आयोजन किया जाता है।

शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने लोक निर्माण विभाग और सांस्कृतिक विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ समाधि स्थल का दौरा किया और विकास कार्यों का जायजा लिया।

समाधि स्थल पर किए जाएंगे ये बड़े बदलाव:

समाधि स्थल के मुख्य ढांचे के बाहरी रूप को इस तरह से नया रूप दिया जाएगा, ताकि दूर से देखते ही डॉ. भूपेन हजारिका की यादें और उनका महान व्यक्तित्व लोगों के जहन में उभर आए।

आंतरिक हिस्से में बड़े पैमाने पर अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसमें विशेष 'डिजिटल इफेक्ट्स' शामिल होंगे, जिसके जरिए नई पीढ़ी के युवा सुधाकंठ के विभिन्न रूपों और किरदारों के साथ तस्वीरें या सेल्फी ले सकेंगे। इससे युवाओं को उनके जीवन और रचनाओं को करीब से समझने में मदद मिलेगी।

सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए परिसर के भीतर एक आधुनिक 'ओपन एयर थिएटर' (खुला रंगमंच) बनाने की योजना है।

इस पूरे परिसर के सुचारू संचालन और देखरेख के लिए एक सरकारी समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति की देखरेख में यहां हर महीने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि इस बड़े बदलाव और जीर्णोद्धार के काम को पूरा होने में आगामी 3 से 4 महीने या उससे थोड़ा अधिक समय लग सकता है। सरकार का उद्देश्य इस स्थल को असम की सांस्कृतिक विरासत के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर