लीज को रद्द कर सरकारी ज़मीन वापस लेने की मांग
इटानगर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश इंडिजिनस यूथ ऑर्गनाइज़ेशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह नाहरलगुन के ए-सेक्टर में मौजूद 4794 वर्ग मीटर सरकारी ज़मीन के 'लैंड पज़ेशन सर्टिफिकेट' रद्द करके उसे वापस ले लेनी चाहिए, जिस पर एक व्यक्ति ने गैर-कानूनी तरीके से कब्ज़ा कर रखा है।
आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए संघठन के अध्यक्ष तारो सोनम लियाक ने आरोप लगाया कि उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, राज्य सरकार ने 1993 में स्वर्गीय ज्ञान सिंह को आरा मिल लगाने/चलाने के लिए नाहरलगुन के ए-सेक्टर में लगभग 4,794 वर्ग मीटर ज़मीन सालाना लगभग 14,382 रुपये के किराए पर लीज़ पर दी थी। लेकिन स्वर्गीय ज्ञान सिंह की मृत्यु के बाद, कथित तौर पर 2022 में उनके बेटों - अत्तर सिंह, विधि सिंह और हरजीत सिंह - ने यह लीज़ वाली ज़मीन टोको याज़ो नाम के एक महिला को उपहार में दे दिया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि कोई गैर- अरुणाचली व्यक्ति सरकारी ज़मीन को कैसे किसी और को उपहार में दे सकता है, जबकि लीज़ एग्रीमेंट में साफ़ लिखा है कि सरकार की मंज़ूरी के बिना यह जमीन किसी को नहीं दिया जा सकता है।
इससे एक गंभीर कानूनी और प्रशासनिक सवाल उठता है कि क्या सरकार से लीज़ पर ली गई ज़मीन को मूल लीज़-होल्डर के वारिस या बेटे, सक्षम सरकारी अधिकारी की पूर्व अनुमति या मंज़ूरी के बिना किसी तीसरे पक्ष को कैसे उपहार में दे सकते हैं या ट्रांसफर कर सकते हैं, जबकि वे उस ज़मीन के कानूनी वारिस या नॉमिनी भी नहीं हैं।
इस संबंध में उन्होंने संबधित अधिकारी को शिकायत दर्ज कराई है और राज्य सरकार से आग्रह किया है कि एलपीजी रद्द करके सरकारी संपत्ति वापस ले लिया जाए। इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

