कोकराझार में वन अधिकार पट्टा वितरण के लिए विशेष अभियान आयोजित
कोकराझार (असम), 02 अक्टूबर (हि.स.)। कोकराझार में वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत पात्र वनवासी समुदायों के अधिकारों को मान्यता एवं सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुक्रवार को बोडोलैंड एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज (बीएएससी) में वन अधिकार पट्टों के वितरण का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में व्यक्तिगत वन अधिकार (आईएफआर) तथा सामुदायिक वन अधिकार (सीएफआर) के तहत लाभार्थियों को पट्टे प्रदान किए गए।
इस अवसर पर बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) प्रमुख हग्रामा मोहिलारी ने लाभार्थियों के बीच वन अधिकार पट्टों का औपचारिक वितरण किया। कार्यक्रम में कोकराझार विधानसभा क्षेत्र की विधायक सेवाली मोहिलारी, बाउखुंगरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रूपम चंद्र राय, बीटीसी के कार्यकारी सदस्य डेरहासात बसुमतारी, एमसीएलए धनेश्वर ग्यारी, जुबिराज बसुमतारी, जिला आयुक्त पंकज चक्रवर्ती सहित अतिरिक्त जिला आयुक्त एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेष अभियान के तहत कार्यक्रम में 60 व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टे और 20 सामुदायिक वन अधिकार पट्टे लाभार्थियों को सौंपे गए। जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) द्वारा अब तक कोकराझार जिले में कुल 1,063 वन अधिकार पट्टों को मंजूरी दी गई है। इनमें 868 व्यक्तिगत वन अधिकार तथा 195 सामुदायिक वन अधिकार पट्टे शामिल हैं, जो जिले के 103 गांवों को कवर करते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीटीसी प्रमुख मोहिलारी ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह विशेष अभियान पूरे बीटीसी क्षेत्र में संचालित किये जा रहे हैं। उन्होंने लाभार्थियों से पट्टा प्राप्त करने के बाद भूमि को दोबारा नहीं बेचने तथा जंगलों की रक्षा करते हुए प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन-यापन करने का आह्वान किया।
विधायक सेवाली मोहिलारी ने लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वन अधिकार पट्टों का वितरण लंबे समय से चली आ रही लोगों की आकांक्षा को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आजीविका के लिए भूमि के महत्व पर जोर देते हुए जंगल एवं पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने की अपील की। साथ ही मानव-हाथी संघर्ष को कम करने और वन्य आवासों के संरक्षण पर भी जोर दिया।
विधायक रूपम चंद्र राय ने भी लोगों से वन एवं पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया तथा जनता के कल्याण एवं विकास के लिए बीटीसी प्रमुख द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
स्वागत भाषण में जिला आयुक्त पंकज चक्रवर्ती ने विशेष अभियान तथा वन अधिकार अधिनियम, 2006 के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत जारी किए जाने वाले वन अधिकार पट्टा प्रमाणपत्रों में क्यूआर कोड शामिल किए जाएंगे, जिससे उनकी प्रामाणिकता और उपयोगिता को बढ़ाया जा सकेगा।
जिला आयुक्त ने कहा कि वन अधिकारों की मान्यता के साथ-साथ वन संरक्षण भी समान रूप से आवश्यक है। उन्होंने लाभार्थियों से भूमि का उपयोग आवास एवं आजीविका के लिए करने तथा वन संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

