राष्ट्रीय समस्याओं की पहचान से अधिक महत्वपूर्ण उनका समाधान : हिमंत
गुवाहाटी, 08 अगस्त (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि राष्ट्रीय समस्याओं की केवल पहचान या स्वीकार्यता से विकास का मार्ग प्रशस्त नहीं होता। वास्तविक सफलता समस्याओं का वैज्ञानिक, तार्किक और स्थायी समाधान तलाशने में निहित है। मुख्यमंत्री एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बाढ़ को राष्ट्रीय समस्या घोषित करने संबंधी एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय समस्या की स्वीकार्यता से अधिक महत्वपूर्ण उसका समाधान है। इस दिशा में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए हमारी चर्चा का विषय समाधान का सूत्र होना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याओं को राजनीति का विषय बनाए बिना समाधान को विकास का मूलमंत्र बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी सकारात्मक और समाधान-केंद्रित सोच एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित असम के निर्माण की यात्रा को आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हुए आईआईटी गुवाहाटी से आग्रह किया है की असम में बाढ़ की समस्या के अस्थाई समाधान के लिए वह विज्ञान सम्मत रोड मैप तैयार करें। उन्होंने कहा कि नगालैंड की पहाड़ों से आने वाले पानी से असम के शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट आदि जिलों की रक्षा किस प्रकार हो सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई ठोस परियोजना की रूपरेखा तैयार होती है तो प्रधानमंत्री निश्चित ही उसके लिए धन देंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

