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'एसआईआर' मतदाता सूची को सटीक और विश्वसनीय बनाए रखने की स्थापित प्रक्रिया- पवित्र मार्घेरिटा

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इटानगर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। विदेश और कपड़ा केंद्रीय राज्य मंत्री पवित्र मार्घेरिटा ने कहा कि 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) भारतीय चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए की जाने वाली एक स्थापित चुनावी प्रक्रिया है। आज इटानगर में अरुणाचल प्रदेश भाजपा मुख्यालय में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं।

उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों सहित पिछली सभी सरकारों के दौरान होता रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अब इसी प्रक्रिया को लोकतंत्र पर हमले के रूप में क्यों पेश किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व एक सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया को रचनात्मक लोकतांत्रिक बहस का विषय बनाने के बजाय, उसे एक राजनीतिक विवाद में बदलने की कोशिश कर रहा है।

मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावों की शुचिता बनाए रखने के लिए है, न कि किसी राजनीतिक दल के हितों को साधने के लिए।

अरुणाचल प्रदेश में एसआईआर के सफल संचालन का जिक्र करते हुए, मार्घेरिटा ने इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए राज्य की जनता का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। राज्य आंकड़ों के अनुसार, सत्यापन के बाद मौजूदा मतदाता सूची से लगभग 22 प्रतिशत प्रविष्टियां हटा दी गईं।

इन प्रविष्टियों में ऐसे मतदाताओं के नाम शामिल थे जिनका निधन हो चुका है, जो अपना निवास स्थान बदल चुके हैं, जिनका पता नहीं चल सका, या जिनके नाम दो बार (डुप्लिकेट) दर्ज हो गए थे।

उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के लोगों की तारीफ की कि उन्होंने जाति, समुदाय, सांस्कृतिक पहचान या राजनीतिक संबद्धता से ऊपर उठकर चुनाव आयोग का सहयोग किया।

उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह सहयोग राजनीतिक सीमाओं से परे था, जिसमें कांग्रेस पार्टी के सदस्य और प्रतिनिधि भी शामिल थे।

अरुणाचल प्रदेश ने यह दिखा दिया है कि जब नागरिक राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देते हैं, तो संवैधानिक प्रक्रियाओं को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न किया जा सकता है।

मार्घेरिटा ने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची में पात्र मतदाताओं का सही विवरण होना चाहिए और अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में मौजूद डुप्लिकेट पंजीकरणों को कानून के अनुसार ठीक किया जाना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी