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किसान फोरम युवा शाखा ने समझौता ज्ञापन को किया अस्वीकार

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इटानगर, 19 मार्च (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश सियांग स्वदेशी किसान फोरम युवा शाखा ने प्रस्तावित सियांग ऊपरी बहुउद्देशीय बांध परियोजना और इसकी पूर्व व्यवहार्यता रिपोर्ट गतिविधियों के लिए हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन को अस्वीकार कर दिया है और कहा है कि बांध के लिए सरकार को आदि समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति से अनुमति लेनी होगी।

आज अरुणाचल प्रेस क्लब में सियांग स्वदेशी किसान फोरम युवा शाखा की ओर से मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए पर्यावरण इंजीनियर कैटन मोयोंग ने सियांग घाटी की आदि पारंपरिक भूमि, वन और नदियों, विशेष रूप से सियांग नदी पर प्रस्तावित सियांग ऊपरी बहुउद्देशीय बांध को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन सभी ग्रामीणों से उचित परामर्श किए बिना समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर ले रहे हैं। वे कुछ ग्रामीणों को अपने कार्यालय में बुलाकर और बंद कमरे में उनसे हस्ताक्षर ले रहे हैं, जो हमारे लिए, विशेष रूप से आदि समुदाय के लिए, बहुत चिंता का विषय है।

भूमि, नदी और वन आदि समुदाय की संपत्ति है, जिसकी वे पीढ़ियों से रक्षा करते आ रहे हैं, इसलिए बाहरी लोग हमारी अनुमति के बिना हमारी सामुदायिक भूमि पर कब्जा नहीं कर सकते। सरकार को आदि बाने केबांग (एबीके) के सदस्यों से ही नहीं, बल्कि आदि समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति से अनुमति लेनी होगी। क्योंकि, हमारे पास विभिन्न देशों में बांधों के फटने से होने वाले खतरों के कई उदाहरण और इतिहास मौजूद हैं।

इसलिए, सियांग नदी पर प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट डैम के लिए पीएफआर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने से हमें वंचित रखा गया है। इस संबंध में, सियांग स्वदेशी किसान मंच युवा शाखा ने सियांग घाटी के स्वदेशी आदि (अबोर) समुदाय के साथ मिलकर, परियोजना के विरोध में एक जन-प्रतिनिधि सभा आयोजित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय समुदायों की सहमति के बिना की गई गतिविधियां पारंपरिक अधिकारों और प्रथागत भूमि स्वामित्व का उल्लंघन करती है।

युवा शाखा ने बांध परियोजना के खिलाफ अपने दृढ़ रुख को दोहराते हुए कहा कि किसी भी विकासात्मक गतिविधि को क्षेत्र के स्वदेशी लोगों की इच्छा, संस्कृति और भूमि अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी