पीएफआर तैयार करने के लिए सुरक्षा बल तैनात करने पर राज्य सरकार की निंदा
इटानगर, 14 सितंबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम के प्रवक्ता टागोरी मिज़े ने प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के लिए प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (पीएफआर) तैयार करने के मकसद से सुरक्षा बल तैनात करने के लिए राज्य सरकार की निंदा की।
आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, मिज़े ने पीएफआर की मौजूदा स्थिति और इलाके में प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों की भावनाओं पर प्रकाश डालते, उन्होंने दावा किया कि प्रभावित परिवार प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आदि समुदाय के अभिभावक संगठन 'आदि बान केबांग' (एबिके) के अध्यक्ष टानोम टटाक को सभी ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ अपनी शिकायतें सौंपी हैं, ताकि एबीके सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट से जुरेराज्य सरकार के स्तर पर सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों की शिकायतों को उठा सके। उनकी दो मुख्य मांगें हैं- गांवों से सुरक्षा बलों को हटाना और सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट मुद्दे से जुड़े आदि समुदाय के 'गांवबुढ़ा' (ग्राम प्रधानों) के सभी निलंबन आदेशों को रद्द करना शामिल है।
लेकिन एबीके राज्य सरकार तक बात पहुंचाने और अपने समुदाय के लोगों की मदद करने में नाकाम रही है।
प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट को लेकर ग्रामीणों और प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों के बीच गलतफहमियां और झगड़े हो रहे हैं, साथ ही गांवों में कानून-व्यवस्था की समस्या भी पैदा हो गई है। इसके बावजूद एबीके और राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने एबीके अध्यक्ष के प्रति नाराजगी जताई है क्योंकि वे अपने समुदाय की मदद करने में विफल रहे हैं और मांग की है कि वे नैतिक आधार पर अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें।
परियोजना को लेकर राज्य सरकार की ज़बरदस्ती वाली गतिविधियों की कड़ी निंदा करते हुए हमारा आरोप है कि प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के लिए पीएफआर तैयार करने के मकसद से सुरक्षा बलों की तैनाती एक उकसावे वाली कार्रवाई है और सरकार का यह कदम अलोकतांत्रिक और निंदनीय है। इससे यह साबित होता है कि राज्य सरकार परियोजनासे प्रभावित परिवारों को मनाने में विफल रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

