अरुणाचलः सेवा संकल्प उत्सव में विजेताओं को राज्यपाल ने दी ट्रॉफी
इटानगर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक ने आज इटानगर के डेरा नाटुंग सरकारी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित 'सेवा संकल्प उत्सव' के राज्य स्तरीय पारंपरिक खेल प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक में भाग लिया।
राज्यपाल ने पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं के फाइनल और 'नमो सेवा - अनकही कहानियां' नामक नुक्कड़ नाटक को देखा। उन्होंने 'केयी पान्योर' जिला टीम को 'ओवरऑल टीम चैंपियन ट्रॉफी' और 'शी योमी' जिला टीम को 'ओवरऑल रनर्स-अप ट्रॉफी' प्रदान की। एक महीने तक चले इस कार्यक्रम और इसके समापन समारोह का आयोजन राज्य के युवा मामले विभाग द्वारा किया गया था।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि 'सेवा संकल्प उत्सव' एक ऐसा अवसर है, जो सेवा की भावना, खेलों की शक्ति, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को एक साथ लाता है।
उन्होंने कहा कि 'सेवा संकल्प उत्सव', सार्वजनिक जीवन में नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की यात्रा को दर्शाता है - गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक की उनकी यात्रा। एक साधारण शुरुआत से देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद तक पहुंचने की उनकी यह यात्रा, सभी को दृढ़ संकल्प, अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ अपने लक्ष्यों को पाने के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने कामना की कि 'सेवा संकल्प उत्सव' पूरे राज्य में सेवा, खेल भावना, सांस्कृतिक गौरव और जिम्मेदार नागरिकता के एक स्थायी अभियान को प्रेरित करेगा।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा राष्ट्र के चार स्तंभों - किसानों, महिलाओं, युवाओं और सैनिकों पर जोर दिया है और भारत की प्रगति, सुरक्षा तथा विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता दी है।
'डिजिटल इंडिया', 'स्किल इंडिया', 'स्टार्टअप इंडिया' और 'खेलो इंडिया' जैसी उनकी पहल, साथ ही 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020' और 'फिट इंडिया मूवमेंट', डिजिटल सशक्तिकरण, कौशल विकास, उद्यमिता, शिक्षा, खेल और बेहतर स्वास्थ्य पर उनके विशेष पहल को दर्शाते हैं।
राज्य के प्रतिभागियों और युवाओं को संबोधित करते हुए, राज्यपाल ने कहा कि वे कल के नेता हैं और आज एक बेहतर अरुणाचल प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदार हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सेवा यात्रा से प्रेरणा लें और अपने जीवन में समर्पण, दृढ़ता और ईमानदारी जैसे मूल्यों को अपनाएं। राज्य सरकार की खेल संबंधी पहल की सराहना करते हुए, राज्यपाल ने कहा कि खेल अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, प्रतिस्पर्धा की भावना को विकसित करते हैं, खेल-भावना जगाते हैं, और टीम वर्क, अनुशासन तथा आपसी सम्मान को बढ़ावा देते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि पारंपरिक खेल अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत रूप हैं, जो हमारे पूर्वजों के साहस, फुर्ती और सहनशक्ति को दर्शाते हैं। उन्होंने समुदाय के बुजुर्गों को शामिल करके और गांव, जिला तथा राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित करके बांस से तीरंदाजी, बांस पर चढ़ने और पारंपरिक दौड़ जैसे स्थानीय खेलों को संरक्षित करने का आह्वान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

