सेंग खासी को मिलेगा कृष्ण चन्द्र गांधी पुरस्कार-2026
- खासी समाज में शिक्षा के प्रसार और नई पीढ़ी के शैक्षिक उत्थान में योगदान के लिए किया जाएगा सम्मानित
गुवाहाटी, 30 अक्टूबर (हि.स.)। पूर्वोत्तर जनजाति शिक्षा समिति ने वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित कृष्ण चन्द्र गांधी पुरस्कार के लिए मेघालय के शैक्षिक संगठन सेंग खासी (केएमआईई) का चयन किया है। खासी समुदाय की नई पीढ़ी के बीच शिक्षा के प्रसार और शैक्षिक उत्थान के लिए संगठन के उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार 31 अक्टूबर को मेघालय के उमियम स्थित कृषि विज्ञान स्नातकोत्तर अध्ययन महाविद्यालय (सीपीजीएसएएस) में आयोजित समारोह में दिया जाएगा।
गुवाहाटी के आरजी बरुवा रोड स्थित असम प्रकाशन भारती परिसर में आज आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्वोत्तर जनजाति शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष सांचीराम पायेंग ने बताया कि सेंग खासी को खासी समुदाय में शैक्षिक जागरूकता विकसित करने और शिक्षा के विस्तार के लिए लंबे समय से किए जा रहे सराहनीय कार्यों के लिए चुना गया है। वर्ष 1899 से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय यह संगठन समाज की नई पीढ़ी तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री डॉ. पवन तिवारी, क्षेत्रीय मंत्री जगदिंद्र रायचौधुरी, पूर्वोत्तर जनजाति शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष सांचीराम पायेंग तथा शिशु शिक्षा समिति, असम के अध्यक्ष कुलेंद्र कुमार भगवती उपस्थित रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि पूर्वोत्तर जनजाति शिक्षा समिति वर्ष 2007 से समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को कृष्ण चन्द्र गांधी पुरस्कार प्रदान कर रही है। पिछले वर्ष से इस पुरस्कार के माध्यम से विशेष रूप से उन संगठनों को सम्मानित करने की परंपरा शुरू की गई है, जो दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार और शैक्षिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
यह पुरस्कार स्वर्गीय कृष्ण चन्द्र गांधी के शैक्षिक आदर्शों, समर्पण और जीवन-दृष्टि को समर्पित है। उनका संपूर्ण जीवन पूर्वोत्तर भारत के दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक शिक्षा की ज्योति पहुंचाने के उद्देश्य को समर्पित रहा। उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरित होकर समिति शिक्षा के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में योगदान देने वाली संस्थाओं को सम्मानित करती है।
समिति ने सेंग खासी के दीर्घकालीन शैक्षिक योगदान की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संगठन भविष्य में भी इसी सेवा भावना और समर्पण के साथ खासी समुदाय सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के शैक्षिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

