रतन टाटा असम के सच्चे हितैषी के रूप में सदैव याद किए जाएंगे : हिमंत
गुवाहाटी, 09 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को प्रख्यात उद्योगपति रतन टाटा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य के स्वास्थ्य सेवा और औद्योगिक विकास में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि रतन टाटा अपनी दूरदर्शिता, मानवीय संवेदनशीलता और असम के विकास के प्रति विशेष प्रतिबद्धता के कारण हमेशा याद किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि रतन टाटा केवल देश के एक प्रतिष्ठित उद्योगपति नहीं थे, बल्कि असम के विकास के प्रति उनकी सोच और आत्मीयता उन्हें राज्य का सच्चा हितैषी बनाती थी। असम की जनता हमेशा उनके योगदान और राज्य के प्रति उनके विश्वास को कृतज्ञता के साथ याद करेगी।
डॉ। सरमा ने कहा कि रतन टाटा की असम यात्राएं अक्सर महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की शुरुआत का संकेत होती थीं। बातचीत के दौरान उनका ध्यान कंपनी के व्यावसायिक हितों के बजाय इस बात पर रहता था कि राज्य के लोगों के लिए और क्या किया जा सकता है।
कैंसर उपचार व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री ने असम में कैंसर उपचार की व्यापक व्यवस्था विकसित करने में रतन टाटा की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब कैंसर के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही थी, तब टाटा ने केवल आर्थिक सहायता देने तक अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी। उन्होंने राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श कर पूरे असम में 17 अस्पतालों को जोड़ने वाली एक समन्वित कैंसर उपचार व्यवस्था की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री डॉ। सरमा के अनुसार, रतन टाटा के नेतृत्व और सहयोग से असम कैंसर केयर फाउंडेशन की परिकल्पना को जीवन बचाने वाली एक प्रभावी स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था में बदलने में मदद मिली। मुख्यमंत्री ने बताया कि टाटा ने एक बार उनसे कहा था कि वह अपने जीवन के अंतिम चरण को स्वास्थ्य सेवा के लिए समर्पित करना चाहते हैं। असम इस प्रतिबद्धता को साकार करने की दिशा में उनके लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बना।
जागीरोड से जुड़ेगा टाटा का तकनीकी विकास का सपना
मुख्यमंत्री ने असम को प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में रतन टाटा के विश्वास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जागीरोड में टाटा का सेमीकंडक्टर संयंत्र इस वर्ष के अंत तक चालू होने की उम्मीद है। यह परियोजना असम को उन्नत प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के आसपास विकसित हो रही टाउनशिप का नाम रतन टाटा की स्मृति में 'रतन टाटा इलेक्ट्रॉनिक सिटी' रखा जाना भी विशेष महत्व रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रतन टाटा ने अपने जीवनकाल में पूर्वोत्तर क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं में नई क्षमता और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई महत्वाकांक्षाएं प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि असम आज केवल एक महान भारतीय उद्योगपति को याद नहीं कर रहा, बल्कि ऐसे सच्चे हितैषी को श्रद्धापूर्वक नमन् कर रहा है, जिन्होंने राज्य की क्षमता पर विश्वास जताया और उसके विकास में योगदान दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

