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(अपडेट) शक्तिपीठ कामाख्या में भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोगबे ने किए दर्शन, मां कामाख्या का लिया आशीर्वाद

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(अपडेट) शक्तिपीठ कामाख्या में भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोगबे ने किए दर्शन, मां कामाख्या का लिया आशीर्वाद


(अपडेट) शक्तिपीठ कामाख्या में भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोगबे ने किए दर्शन, मां कामाख्या का लिया आशीर्वाद


(अपडेट) शक्तिपीठ कामाख्या में भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोगबे ने किए दर्शन, मां कामाख्या का लिया आशीर्वाद


गुवाहाटी, 26 मई (हि.स.)।

विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या मंदिर में मंगलवार को भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोगबे ने मां कामाख्या के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। दो दिवसीय असम दौरे पर गुवाहाटी पहुंचे प्रधानमंत्री तोगबे ने नीलांचल पहाड़ी पर स्थित मंदिर में पहुंचकर मां के श्रीचरणों में विशेष पूजा अर्पित की और राज्य तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

उनके आगमन को लेकर मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस और प्रशासन की विशेष सुरक्षा घेरे के बीच प्रधानमंत्री मंदिर पहुंचे और पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न की।

मंदिर पहुंचने पर असम प्रशासन, मंदिर प्रबंधन समिति तथा पुजारियों ने प्रधानमंत्री का पारंपरिक रूप से गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। मंदिर परिसर में भूटान और भारत के बीच सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक संबंधों की झलक भी देखने को मिली।

प्रधानमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ-साथ पूरे मंदिर परिसर की परिक्रमा भी की और मंदिर की स्थापत्य कला तथा धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की।

दर्शन के दौरान प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोगबे काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास के मनमोहक दृश्यों को अपने कैमरे में भी कैद किया।

प्रधानमंत्री स्वयं कैमरा लेकर मंदिर की सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण की तस्वीरें लेते दिखाई दिए, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों में भी विशेष उत्साह देखा गया।

उल्लेखनीय है कि भूटान के प्रधानमंत्री दो दिवसीय यात्रा कार्यक्रम के तहत असम आए हुए हैं। सोमवार को उन्होंने राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य तथा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से मुलाकात की थी। इस दौरान भारत-भूटान संबंधों, क्षेत्रीय विकास, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा आपसी सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत और भूटान के बीच मजबूत मित्रता तथा धार्मिक-सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने वाला माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर