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मंत्री नाटुंग ने पारंपरिक पुजारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की

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इटानगर, 02 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के गृह और स्वदेशी मामलों के मंत्री मामा नाटुंग ने राज्य की स्वदेशी आस्था, रीति-रिवाजों और आध्यात्मिक परंपराओं को बनाए रखने में पारंपरिक पुजारियों के योगदान को देखते हुए उनके मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की है।

यह घोषणा अपर सुवनसिरी जिले के डापोरिजो में 'ऑल अरुणाचल प्रदेश प्रीस्ट वेलफेयर एसोसिएशन' के 21वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान की गई।

सभा को संबोधित करते हुए नाटुंग ने कहा कि पारंपरिक पुजारी अरुणाचल प्रदेश की सदियों पुरानी आध्यात्मिक प्रथाओं और स्वदेशी ज्ञान के संरक्षक रहे हैं और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वदेशी आस्था को बचाए रखने का मतलब सिर्फ़ रीति-रिवाजों और परंपराओं की रक्षा करना ही नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि पारंपरिक ज्ञान और मूल्य आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे।

मंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे पारंपरिक पुजारियों से सक्रिय रूप से सीखें और स्वदेशी प्रथाओं को बचाने और बढ़ावा देने के प्रयासों में हिस्सा लें।

इससे पहले, नाटुंग ने 'इंडिजिनस फेथ एंड कल्चरल सोसाइटी ऑफ़ अरुणाचल प्रदेश' ग्राउंड में 'डोरिंग रियोकडुम लिंगनी' का उद्घाटन किया। बाद में वे 'सी-डोनयी हिलो जारिंग' में मुख्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां पारंपरिक प्रार्थनाएं की गईं।

इस मौके पर डापोरिजो के विधायक तानिया सोकी, स्वदेशी मामलों के सचिव पिगे लिगु, विभाग के निदेशक लिखा सूरज, 'टैगिन कल्चर सोसाइटी' के अध्यक्ष लार्जी रिगिया डुकाम और 'ऑल अरुणाचल प्रदेश प्रीस्ट वेलफेयर एसोसिएशन' के अध्यक्ष टाटुंग टागर समेत कई लोग मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी