home page

राजनीति में अहंकार नहीं करना चाहिए : मुख्यमंत्री सरमा

 | 
राजनीति में अहंकार नहीं करना चाहिए : मुख्यमंत्री सरमा


गुवाहाटी, 26 मई, (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार को असम विधानसभा के चालू सत्र के चौथे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में आने वाले लोगों में अहंकार नहीं होना चाहिए और जनप्रतिनिधियों को हमेशा जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता जिस किसी को जिताने के साथ-साथ हराने की भी ताकत रखती है। उन्होंने कहा कि विकास का विरोध और अहंकार के कारण गौरव गोगोई को जोरहाट में चुनावी हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले कांग्रेस नेता गौरव गोगोई जिस जगह से लोकसभा चुनाव जीते थे, आज उसी जगह से वे विधानसभा चुनाव हार गए। उन्होंने नए विधायकों को विनम्रता सीखने की सलाह देते हुए कहा कि अहंकार राजनीति का सबसे बड़ा शत्रु है। साथ ही उन्होंने विधायकों को हर वर्ष अपने निजी सहायकों को बदलने की भी सलाह दी।

जुबीन गर्ग का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनके नाम का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की, लेकिन जनता ने उसे नकार दिया। उन्होंने कहा कि इस चुनावी जनादेश ने कांग्रेस के सत्ता में आने के सपने को भी समाप्त कर दिया और पार्टी की सीटें घटकर 19 रह गईं।

यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे लागू करने का उद्देश्य अल्पसंख्यक महिलाओं को सुरक्षा और समान अधिकार प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यूसीसी के जरिए बाल विवाह और बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगेगी तथा अल्पसंख्यक महिलाएं स्वतंत्र और सम्मानजनक जीवन जी सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव जीतने के उद्देश्य से उनके परिवार के खिलाफ योजनाबद्ध व्यक्तिगत हमले किए और फर्जी पासपोर्ट जैसे “बेबुनियाद आरोप” लगाए। उन्होंने कहा कि असम की जनता ने व्यक्तिगत हमलों की राजनीति को खारिज करते हुए विकास के पक्ष में अपना समर्थन दिया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने ईद-उल-जोहा के अवसर पर राज्य के बड़े हिस्से के इस्लामिक समाज द्वारा गो-धन की कुर्बानी नहीं देने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच विश्वास और सौहार्द को मजबूत करेगा। उन्होंने इसे असम की सामाजिक समरसता के लिए शुभ संकेत बताया।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आगामी पांच वर्षों में उन अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में विकास की नई लहर पहुंचेगी, जहां भाजपा को समर्थन नहीं मिला। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2031 तक कांग्रेस के लिए अल्पसंख्यक बहुल सीटें सुरक्षित नहीं रहेंगी और राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल जाएगी।

---------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश