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बाढ़ः असम के सांसदों के साथ प्रधानमंत्री की समीक्षा का प्रदेश भाजपा ने किया स्वागत

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बाढ़ः असम के सांसदों के साथ प्रधानमंत्री की समीक्षा का प्रदेश भाजपा ने किया स्वागत


-असम भाजपा ने बाढ़ प्रभावितों के लिए 12 करोड़ के राहत पैकेज का किया ऐलान

गुवाहाटी, 28 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को असम के सभी 13 सांसदों के साथ बैठक कर राज्य की बाढ़ स्थिति की व्यापक समीक्षा की। भाजपा असम प्रदेश की प्रवक्ता मीता नाथ बोरा ने आज बताया कि प्रधानमंत्री ने बाढ़ से हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की तथा राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को निर्धारित मानकों के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिए जाने की भी घोषणा की।

प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन प्रभाग के संयुक्त सचिव एम रामचंद्रु के नेतृत्व में पांच सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल लगातार दूसरे दिन भी असम में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहा है। दल फसलों, पशुधन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहा है, ताकि राज्य को समय पर केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

इस बीच, असम सरकार ने भी राहत एवं पुनर्वास कार्यों को तेज कर दिया है। जिला प्रशासनों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जबकि सड़कों, बिजली और संचार सेवाओं की बहाली को प्राथमिकता दी जा रही है।

भाजपा असम प्रदेश ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए 12 करोड़ रुपये के विशेष राहत अभियान की घोषणा की है। इसके तहत दो लाख महिलाओं और दो लाख बच्चों को राहत सामग्री वितरित की जाएगी। महिलाओं को पारंपरिक असमिया साड़ियां और मेखला-चादर तथा बच्चों को टी-शर्ट और उनकी आवश्यकता के अनुसार अन्य वस्त्र उपलब्ध कराए जाएंगे।

बाढ़ पीड़ितों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए असम विधानसभा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक माह का वेतन देने का निर्णय लिया है। वहीं विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी एक दिन का वेतन राहत कोष में देने का संकल्प लिया है।

जलस्तर घटने के साथ अब सरकार का ध्यान पुनर्वास और पुनर्निर्माण पर केंद्रित है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों और अन्य बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र सामान्य जीवन उपलब्ध कराया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश