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मन की बात के 12 साल के सफर को प्रधानमंत्री मोदी ने तीर्थयात्रा बताया

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मन की बात के 12 साल के सफर को प्रधानमंत्री मोदी ने तीर्थयात्रा बताया


गुवाहाटी, 25 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 139वां एपिसोड रविवार को देशभर में प्रसारित हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के 12 वर्ष पूरे होने की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने इसकी यात्रा को एक पवित्र तीर्थयात्रा के समान बताया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की असम प्रदेश इकाई के प्रवक्ता प्रांजल कलिता ने एक बयान में कहा कि ‘मन की बात’ अब केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम लोगों के उत्साह, मेहनत और समर्पण को सम्मानित करने वाला सामाजिक आंदोलन बन गया है।

बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने दीपावली और आगामी त्योहारों के मद्देनजर लोगों से स्वदेशी उत्पाद खरीदने, स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने तथा खादी के प्रचार-प्रसार पर जोर देने की अपील की। उन्होंने ‘लोकल फॉर वोकल’ और आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मोदी ने पंजाब की रामनदीप कौर, रेखा रानी और स्नेहा देवी जैसी महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों का उल्लेख किया। इन महिलाओं ने बुनाई विद्यालय से प्रशिक्षण प्राप्त कर शॉल और कपड़े बनाने में दक्षता हासिल की है। रेखा रानी द्वारा तैयार एक शॉल भारत की राष्ट्रपति को उपहार स्वरूप भेंट की गई थी।

प्रधानमंत्री ने भारतीय उत्पादों की बढ़ती वैश्विक पहुंच का उल्लेख करते हुए बिहार के मखाना का उदाहरण दिया, जो अब ग्रीस जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उपलब्ध है। उन्होंने भारतीय किसानों के उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

मोदी ने स्वास्थ्य सेवा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ई-संजीवनी के माध्यम से 50 करोड़ टेली-परामर्श पूरे होने, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में मस्तिष्क संबंधी उन्नत शोध, अंगदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप की सफलता की चर्चा की। उन्होंने फाइबर ऑप्टिक्स विज्ञान के अग्रणी शोधकर्ता नरिंदर सिंह कपानी के योगदान को भी याद किया।

कलिता ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में ‘मन की बात’ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में लोकप्रिय हुआ है। इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों की कहानियों, भारत के इतिहास, विरासत और उपलब्धियों को व्यापक पहचान मिली है।

प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर भारत की कृषि पहलों का उल्लेख करते हुए मेघालय के खांडुला और सदोलपारा तथा नगालैंड के केजोमा गांव में मोटे अनाज की खेती की चर्चा की। उन्होंने महिला सशक्तीकरण और राष्ट्रीय विकास में युवाओं की भूमिका को भी रेखांकित किया।

इस बीच, असम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और दरंग-उदालगुड़ी के सांसद दिलीप सैकिया ने नई दिल्ली के करोल बाग जिले के बलजीत नगर मंडल के बूथ संख्या 14 पर 100 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम सुना।

बयान के अनुसार, असम में भाजपा के 39 संगठनात्मक जिलों के 433 मंडलों के 25 हजार से अधिक बूथों पर 10 लाख से अधिक लोगों ने ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाले ‘एकता दौड़’ में भाग लेने की अपील की। उन्होंने देशवासियों से शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश