कृषि अनुसंधान को किसानों तक पहुंचाने पर जोर, पीयूष ने एएयू के अधिकारियों से की चर्चा
जोरहाट (असम), 14 अक्टूबर (हि.स.)। असम के कृषि एवं सिंचाई मंत्री पीयूष हजारिका ने बुधवार को जोरहाट स्थित असम कृषि विश्वविद्यालय (एएयू) के अतिथि गृह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिपज्योति राजखोवा और विभिन्न संकायों के डीन के साथ बैठक की। बैठक में राज्य में कृषि अनुसंधान को मजबूत करने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने तथा किसानों की आय में सुधार के उपायों पर चर्चा की गई। इस दौरान सांसद कामाख्या प्रसाद तासा भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने मंत्री को चल रहे शैक्षणिक कार्यक्रमों, अनुसंधान गतिविधियों और विभिन्न पहलों की जानकारी दी। वहीं, हजारिका ने कृषि विभाग की प्राथमिकताओं और किसानों की क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार की योजनाओं से अधिकारियों को अवगत कराया।
मंत्री ने कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान के महत्व पर जोर देते हुए असम कृषि विश्वविद्यालय से कृषि विभाग को अपने अनुसंधान अनुभव, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अनुसंधान के निष्कर्षों को किसानों के लिए उपयोगी समाधान में बदलना आवश्यक है, ताकि कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने के साथ उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि की जा सके।
हजारिका ने कृषि अनुसंधान और खेतों में उसके क्रियान्वयन के बीच की दूरी को कम करने के लिए विश्वविद्यालय तथा कृषि विभाग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत खेती पद्धतियों और टिकाऊ कृषि प्रथाओं को किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में राज्य की कृषि क्षमता का पूरा उपयोग करने तथा किसानों के लिए नए अवसर पैदा करने में संस्थागत सहयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। सरकार का उद्देश्य विश्वविद्यालय और कृषि विभाग के बीच सहयोग बढ़ाकर कृषि विस्तार सेवाओं को मजबूत करना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और राज्य में अधिक उत्पादक एवं टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

