मीन निगम घोटाले के मुख्य आरोपित पद्मकांत हजारिका आज फिर अदालत में पेश, रिश्तेदार के घर पुलिस की छापेमारी
गुवाहाटी, 04 जून, (हि.स.)। असम मत्स्य विकास निगम (एएफडीसी) के बहुचर्चित करोड़ों रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपित पद्मकांत हजारिका को गुरुवार को एक बार फिर अदालत में पेश किया गया। मामले की जांच लगातार जारी है और जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
इसी बीच, पुलिस ने गुवाहाटी के हाथीगांव क्षेत्र स्थित शेवाली पथ में गुरुवार को एक आवास पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई एएफडीसी में कथित करोड़ों रुपये के घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत की गई।
सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान पुलिस पद्मकांत हजारिका को भी अपने साथ लेकर गई। जांच दल ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की तलाश में घर की गहन जांच की।
बताया गया है कि जिस घर में छापेमारी की गई, उसमें पद्मकांत हजारिका का एक रिश्तेदार रहता है। पुलिस अधिकारियों ने कई दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच की है, जिन्हें मामले से जुड़ा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि एएफडीसी घोटाले की जांच के सिलसिले में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) पद्मकांत हजारिका को गत 31 मई को उड़ीसा के पुरी से गिरफ्तार किया गया था। उन पर निगम में भर्ती प्रक्रिया और जलाशयों (बील) के पट्टों के आवंटन में अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि विभाग में कुछ नियुक्तियां कथित रूप से धन लेकर की गईं तथा भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और पारदर्शिता की अनदेखी की गई। इसके अलावा, आरोप है कि लाभदायक बीलों के पट्टे सार्वजनिक निविदा प्रक्रिया का पालन किए बिना रिश्तेदारों, करीबी सहयोगियों और प्रभावशाली व्यक्तियों को आवंटित किए गए।
अधिकारियों के अनुसार, जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है ताकि धन के प्रवाह का पता लगाया जा सके और घोटाले से लाभान्वित अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा सके।
सूत्रों का कहना है कि जांच में नए साक्ष्य सामने आने के साथ ही आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

