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असम में धान की सरकारी खरीद एक नवंबर से होगी शुरू, 8.49 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य

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असम में धान की सरकारी खरीद एक नवंबर से होगी शुरू, 8.49 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य


- मंत्री कौशिक राय ने सभी जिलों के आयुक्तों के साथ की तैयारियों की समीक्षा, किसानों को एक सप्ताह में भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश

गुवाहाटी, 31 अक्टूबर (हि.स.)। असम में खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2026-27 (प्रथम फसल) के तहत धान की सरकारी खरीद एक नवंबर से शुरू होगी। राज्य सरकार ने इस सत्र में 181 अधिसूचित धान खरीद केंद्रों (पीपीसी) के माध्यम से 8.49 लाख मैट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार की ओर से धान खरीद पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि की घोषणा अगली कैबिनेट बैठक में की जाएगी।

राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले मंत्री कौशिक राय ने शनिवार को सभी जिलों के आयुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक कर धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित करने तथा निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

मंत्री ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से प्रत्येक धान खरीद केंद्र के संचालन के लिए अधिकारियों को केंद्र प्रबंधक के रूप में तैनात किया गया है। उन्होंने सभी आयुक्तों से प्रत्येक केंद्र पर दो अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा, ताकि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।

राय ने आयुक्तों को पंजीकृत किसानों और स्थानीय विधायकों की अध्यक्षता वाली धान खरीद केंद्र निगरानी समितियों के सदस्यों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीद प्रक्रिया, निर्धारित नियमों और सरकारी योजना के लाभों की जानकारी दी जानी चाहिए। निगरानी समितियों को प्रत्येक पखवाड़े बैठक कर केंद्रों के कामकाज की समीक्षा करने तथा समस्याओं का समाधान करने को भी कहा गया।

मंत्री ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आयुक्तों, कृषि एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त उपायुक्तों को नियमित रूप से धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रत्येक केंद्र पर किसानों की सुविधा के लिए शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

राय ने कहा कि वह स्वयं प्रत्येक महीने धान खरीद की प्रगति की समीक्षा करेंगे, जबकि असम खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (एएफसीएससीएल) के प्रबंध निदेशक साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खरीद के एक सप्ताह के भीतर किसानों के बैंक खातों में न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि जमा कर दी जाए।

इससे पहले मंत्री ने गोलाघाट और नगांव जिलों के विधायकों तथा आयुक्तों के साथ अलग से वीडियो कॉन्फ्रेंस कर इन जिलों में विकेंद्रीकृत खरीद (डीसीपी) प्रणाली लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर इस संबंध में निर्णय लेने को कहा।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में बंगाईगांव और विश्वनाथ जिलों में ही डीसीपी प्रणाली लागू है। मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से असम में स्थानीय स्तर पर खरीदे गए चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी जिलों के आयुक्तों से अपने-अपने क्षेत्रों में इस प्रणाली को लागू करने की संभावनाओं का पता लगाने का आग्रह किया।

पिछले खरीद सत्र के प्रदर्शन और विभिन्न जिलों की ओर से उठाई गई समस्याओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों से समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ काम करने तथा निर्धारित समय सीमा से पहले खरीद लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक और पात्र किसानों को सरकार की धान खरीद योजना का पूरा लाभ पारदर्शी, सुलभ और किसान हितैषी व्यवस्था के माध्यम से मिले।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव बिस्वरंजन समल, विभाग की सचिव अनुसुइया दत्ता बरुवा, एएफसीएससीएल के प्रबंध निदेशक पारिजात भुइयां, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), असम के महाप्रबंधक मनोज कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश