तामुलपुर में अवैध शराब निर्माण पर प्रशासन सख्त
-लालीगुड़ की खरीद-बिक्री व परिवहन के लिए पंजीकरण अनिवार्य
तामुलपुर (असम), 08 अक्टूबर (हि.स.)। अवैध रूप से तैयार की जाने वाली देसी शराब के उत्पादन और कारोबार पर रोक लगाने के उद्देश्य से तामुलपुर जिला प्रशासन ने लालीगुड़ के दुरुपयोग के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। जिला प्रशासन के अनुसार, राज्य के बाहर से आने वाले लालीगुड़ (गन्ने से तैयार विशेष प्रकार का तरल गुड़) का इस्तेमाल कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध शराब बनाने में किए जाने की शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है।
तामुलपुर की जिला दंडाधिकारी सिमी करण ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 152 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पूरे जिले में इस संबंध में विशेष आदेश जारी किया है।
आदेश के अनुसार, अब तामुलपुर जिले में जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति और पंजीकरण के बिना कोई भी व्यक्ति या व्यवसायी तरल लाली, लालीगुड़ अथवा लालीगुड़ पाउडर का भंडारण, परिवहन, खरीद या बिक्री नहीं कर सकेगा। लालीगुड़ का कारोबार करने वाले व्यापारियों, संस्थानों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं को आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से जिला प्रशासन के समक्ष अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशु आहार अथवा वैध औद्योगिक और कृषि कार्यों के लिए लालीगुड़ खरीदने वालों के लिए भी पंजीकरण आवश्यक होगा। इसके अलावा लालीगुड़ को सामान्य गुड़ के नाम से गलत तरीके से दर्शाकर अथवा गलत जानकारी देकर उसका परिवहन, भंडारण या बिक्री करना प्रतिबंधित रहेगा।
सभी संबंधित व्यापारियों और परिवहनकर्ताओं को लालीगुड़ की खरीद, भंडारण और बिक्री का उचित हिसाब-किताब एवं आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखना होगा तथा निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
जिला प्रशासन ने कहा है कि अवैध शराब जनस्वास्थ्य, सार्वजनिक सुरक्षा और लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

