नारी शक्ति वंदन बिल 2026 का विरोध महिला सशक्तिकरण के खिलाफ: सोनोवाल
डिब्रूगढ़ (असम), 22 अप्रैल, (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक 2026 का विरोध करने को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस बिल का विरोध देशभर की महिलाओं का अपमान है।
डिब्रूगढ़ स्थित जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सोनोवाल ने कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाले इस विधेयक का विरोध यह दर्शाता है कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
उन्होंने कहा, “महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण का विरोध करने वाली ताकतों के खिलाफ हमारा विरोध जारी रहेगा। इस पहल के माध्यम से हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि महिलाओं के अधिकारों के मामले में कोई समझौता नहीं होगा।”
लोकसभा सांसद सोनोवाल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तुत किया गया यह विधेयक महिलाओं को उनका उचित अधिकार और सम्मान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने उम्मीद जताई थी कि सभी राजनीतिक दल इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे, क्योंकि यह महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी आवश्यक है।
हालांकि, उन्होंने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी महिलाएं हैं, लेकिन संसद और विधानसभाओं में उनका प्रतिनिधित्व केवल 15 से 16 प्रतिशत तक सीमित है, जो स्पष्ट रूप से अन्यायपूर्ण है।
सोनोवाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद महिलाओं के लिए ऐसा कोई बड़ा कदम नहीं उठाया। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर कार्य किया है।
उन्होंने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’, ‘उज्ज्वला योजना’ और ‘स्वच्छ भारत मिशन’ जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।
सोनोवाल ने कहा, “हम महिला-नेतृत्व वाले विकास में विश्वास रखते हैं। महिलाएं केवल लाभार्थी ही नहीं, बल्कि नीति निर्माण और शासन में अग्रणी भूमिका निभाएं।” उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को देशभर की महिलाओं से कड़ा जवाब मिलेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

