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बाढ़ पीड़ितों को लेकर विपक्ष का गुवाहाटी में प्रदर्शन, राहत और मुआवजे की मांग

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बाढ़ पीड़ितों को लेकर विपक्ष का गुवाहाटी में प्रदर्शन, राहत और मुआवजे की मांग


गुवाहाटी, 23 सितंबर (हि.स.)। जुलाई में आई विनाशकारी बाढ़ के दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राहत और मुआवजा नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए ऊपरी असम के शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जिलों के बाढ़ प्रभावित लोगों ने बुधवार को गुवाहाटी के ससल इलाके में प्रदर्शन किया। राइजर दल के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बाढ़ पीड़ित शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बाढ़ के दौरान उनके घरों, कृषि भूमि, फसलों और अन्य संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ, लेकिन कई प्रभावित परिवारों को अब तक पर्याप्त सरकारी सहायता नहीं मिल सकी है। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नुकसान का व्यापक और निष्पक्ष आकलन कराने तथा सभी पात्र परिवारों तक जल्द से जल्द राहत और मुआवजा पहुंचाने की मांग की।

राइजर दल के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई तथा पार्टी नेता ज्ञानश्री बोरा ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इसके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के तीन केंद्रीय नेता और असम जातीय परिषद (एजेपी) की नेता कुंकी चौधरी भी मौजूद रहीं।

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ऊपरी असम के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग गुवाहाटी पहुंचे। प्रभावित जिलों की महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल हुईं और कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों को साथ लेकर पहुंचीं।

बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि मकान, फसल और अन्य संपत्तियां गंवाने के बाद अनेक परिवार अभी भी अपने घर और आजीविका दोबारा खड़ी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों के नुकसान का समुचित सर्वेक्षण कर तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।

इससे पहले 17 सितंबर को अखिल गोगोई ने गुवाहाटी में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन कर बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत और मुआवजा बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ ही पूरी तरह नष्ट हुए घरों या संपत्तियों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग उठाई थी।

राइजर दल ने बाढ़ राहत के वितरण में कथित अनियमितताओं का आरोप भी लगाया है। पार्टी ने जुलाई की बाढ़ से प्रभावित सभी परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 23 सितंबर को सामूहिक प्रदर्शन का आह्वान किया था।

बुधवार के प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने एक बार फिर नुकसान का व्यापक आकलन कराने और जुलाई की बाढ़ से प्रभावित परिवारों को बिना विलंब राहत एवं मुआवजा वितरित करने की मांग उठाई।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश