home page

कचारी समुदाय के सात प्रस्तावित परामर्श बैठक का विरोध

 | 

इटानगर, 11 जुलाई (हि.स.)। ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (आपसू) ने कचारी समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने के लिए प्रस्तावित परामर्श बैठक का कड़ा विरोध किया है और अरुणाचल प्रदेश सरकार से इसे रद्द करने की मांग की है।

आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए, आपसू के अध्यक्ष मेजे टाकू ने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कचारी समुदाय और उनके छात्र संघ के अनुरोध पर, राज्य में अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल होने के संबंध में अरुणाचल प्रदेश के नामसाई और चांगलांग जिलों में रहने वाले कचारी समुदाय के नेताओं के साथ होने वाली परामर्श बैठक पर भी विरोध जताया।

टाकू ने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम निंदनीय है; हम छात्र समुदाय इस तरह की राजनीति बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार से 13 जुलाई को इटानगर में होने वाली प्रस्तावित बैठक को तुरंत रद्द करने की मांग की।

आपसू ने चेतावनी दी कि अगर प्रस्तावित बैठक रद्द नहीं की गई, तो यूनियन अपने लोकतांत्रिक विरोध के तहत सिविल सचिवालय के गेट को बंद कर देगी और आंदोलन से होने वाले किसी भी परिणाम के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराएगी।

उन्होंने सरकार को हाल ही मे सौंपी गई अपनी 13-सूत्रीय मांगों का भी ज़िक्र किया, जिसमें शामिल हैं, 80:20 भर्ती अनुपात को खत्म करना और पंचायत चुनावों में अनिवार्य स्थायी निवासी प्रमाण-पत्र और अरूणाचल प्रदेश अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र, चकमा-हजोंग मुद्दे का स्थायी समाधान, अवैध आप्रवासन को रोकना, असम-अरुणाचल सीमांकन पूरा करना, नस्लवाद-विरोधी कानून, वीज़ा का मुद्दा और इटानगर में लोकतांत्रिक विरोध के लिए एक तय जगह आदी शामिल है। उन्होंने राज्य सरकार से इन मांगों पर तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी