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रायमोना राष्ट्रीय उद्यान में बिक्री-सह-प्रदर्शनी काउंटर स्थापित

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रायमोना राष्ट्रीय उद्यान में बिक्री-सह-प्रदर्शनी काउंटर स्थापित


रायमोना राष्ट्रीय उद्यान में बिक्री-सह-प्रदर्शनी काउंटर स्थापित


कोकराझार (असम), 26 फरवरी (हि.स.)। एनटीपीसी बंगाईगांव ने अपनी सीएसआर पहलों के तहत बोडोलैंड रेशम उत्पादन मिशन को समर्थन दिया है - जो बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसे 2023 में बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र के पारंपरिक रेशम क्षेत्र को एरी रेशम पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक टिकाऊ, उच्च आय वाले आजीविका पारिस्थितिकी तंत्र में बदलने के लिए शुरू किया गया था।

एनटीपीसी के द्वारा आज दी गयी जानकारी के अनुसार इस पहल के अंतर्गत, रायमोना राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित मोथंबिल वन गांव में रायमोना राष्ट्रीय उद्यान में एरी रेशम और हथकरघा गांव का प्रचार परियोजना के तहत बिक्री-सह-प्रदर्शनी काउंटर का औपचारिक उद्घाटन बीते बुधवार को किया गया था।

इस कार्यक्रम में बीटीआर सरकार के कार्यकारी सदस्य (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) डेरहासत बसुमतारी ने शिरकत की। इस अवसर पर बीटीसी की रेशम उत्पादन निदेशक भानुलता मुसाहारी, बीटीसी के सहायक निदेशक रणजीत कुमार गोगोई, एनटीपीसी बंगाईगांव के अतिरिक्त महाप्रबंधक (एचआर) अमित कुमार अस्थाना, बीटीआर के पूर्व रेशम उत्पादन निदेशक एके चक्रवर्ती, डीजीएम (एचआर) रोशन दुंगदुंग, कार्यकारी (सीएसआर) स्मृति दास और एनटीपीसी एवं बीटीसी के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बीटीसी सरकार द्वारा रेशम उत्पादन विभाग के सहयोग से और एनटीपीसी बंगाईगांव के सीएसआर समर्थन से कार्यान्वित की जा रही इस परियोजना की कुल लागत ₹30.00 लाख है। मोथंबिल वन ग्राम को परियोजना स्थल के रूप में चुना गया है, जहां एरी रेशम पालन और हथकरघा बुनाई के माध्यम से पर्यावरण-पर्यटन से जुड़े आजीविका विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे प्रत्यक्ष रूप से लगभग 125 महिला लाभार्थियों (89 पालनकर्ता और 36 बुनकर) को लाभ होगा और अप्रत्यक्ष रूप से 779 से अधिक लाभार्थियों और आसपास के क्षेत्र में 1700 से अधिक ग्रामीणों को सहायता मिलेगी।

लगभग ₹5.90 लाख की अनुमानित लागत से निर्मित नवनिर्मित बिक्री-सह-प्रदर्शन काउंटर को पारंपरिक असम शैली में विकसित किया गया है, जिसमें स्थानीय रूप से उत्पादित एरी रेशम और हथकरघा उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इस सुविधा का प्रबंधन और संचालन गांव की लाभार्थी महिलाओं द्वारा किया जाएगा, जिससे उन्हें अपने उत्पादों के लिए प्रत्यक्ष बाजार पहुंच और मूल्य प्राप्ति प्राप्त होगी, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र की महिलाओं की आजीविका और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

व्यापक परियोजना के हस्तक्षेपों में एरी रेशम कीट पालन के लिए केसरू बागानों की स्थापना, पालन घरों का निर्माण, सामुदायिक समूहों को कताई मशीनों का प्रावधान, सहायक उपकरणों के साथ उन्नत प्रमाणित करघों की आपूर्ति, गुणवत्तापूर्ण एरी धागे की आपूर्ति और इस समर्पित बिक्री मंच का निर्माण शामिल है।

इस पहल के तहत, राइमोना राष्ट्रीय उद्यान की प्राकृतिक धरोहर को बोडो समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के साथ एकीकृत किया गया है, ताकि पर्यावरण-पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके। वन्यजीव सफारी, ट्रेकिंग और पक्षी अवलोकन के लिए राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों को पारंपरिक एरी रेशम पालन, कताई और बुनाई की प्रक्रियाओं को देखने और स्थानीय कारीगरों से सीधे प्रामाणिक हथकरघा उत्पाद खरीदने का अवसर भी मिलेगा।

इस परियोजना से बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र में बाजार संबंधों को मजबूत करने, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने, पारंपरिक शिल्पों को संरक्षित करने और सतत आजीविका विकास को समर्थन देने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा