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एनटीपीसी बंगाईगांव ने उत्तर लखीमपुर में मॉडल स्कूल परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर

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एनटीपीसी बंगाईगांव ने उत्तर लखीमपुर में मॉडल स्कूल परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर


एनटीपीसी बंगाईगांव ने उत्तर लखीमपुर में मॉडल स्कूल परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर


कोकराझार (असम), 03 अक्टूबर (हि.स.)। एनटीपीसी बंगाईगांव की 5 करोड़ रुपये की सीएसआर पहल के तहत बसंतला बिश्वेसर चांगकोटी मेमोरियल शंकरदेव शिशु विद्या निकेतन को एक आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य बेहतर कक्षाएं, व्यावहारिक शिक्षण सुविधाएं और डिजिटल संसाधनों तक पहुंच शामिल है। उत्तर असम क्षेत्र के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित उत्तर लखीमपुर में स्थित इस संस्थान को आसपास के समुदायों के बच्चों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर सुविधाओं से लैस शिक्षण वातावरण बनाने के लिए बुनियादी ढाँचागत सहायता प्रदान की जाएगी।

इस परियोजना के लिए एनटीपीसी बंगाईगांव और शिशु शिक्षा समिति, असम के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए। एनटीपीसी बंगाईगांव के मानव संसाधन प्रमुख अमित कुमार अस्थाना और शिशु शिक्षा समिति, असम के महासचिव जगन्नाथ राजबंशी ने अपने-अपने संगठनों की ओर से समझौते पर हस्ताक्षर किए।

यह समझौता एनटीपीसी बंगाईगांव के परियोजना प्रमुख अर्नब मैत्रा; असम की शिशु शिक्षा समिति के सीएसआर और अनुदान समन्वयक भूषण गोस्वामी; एजीएम (सिविल) सुशील कुमार; एजीएम (एचआर) रोशन दुंगदुंग; डीजीएम (एचआर) देबालीना दास; कार्यकारी (सीएसआर) स्मृति दास, एनटीपीसी बंगाईगांव और इंजीनियर (सीसीडी-टाउनशिप) रौनक कुंडू की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर बोलते हुए, मैत्रा ने कहा कि मॉडल स्कूल परियोजना असम में एनटीपीसी की रणनीतिक सीएसआर पहलों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसरों तक पहुंच का विस्तार करना है।

प्रस्तावित विकास परियोजना के तहत भूतल और असम शैली की प्रथम मंजिल का निर्माण किया जाएगा, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 1,926 वर्ग मीटर होगा। इससे संस्थान के मौजूदा बुनियादी ढांचे में वृद्धि होगी। सुविधाओं में 13 कक्षाएं, पांच प्रयोगशालाएं, एक विशेष डिजिटल कक्षा और एक पुस्तकालय, साथ ही कर्मचारियों के लिए एक साझा कक्ष और प्रशासनिक स्थान शामिल होंगे। लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा भी इस परियोजना का हिस्सा होगी।

अतिरिक्त कक्षाओं से विद्यालय की छात्र-छात्राओं को समायोजित करने की क्षमता बढ़ेगी, जबकि प्रयोगशालाओं से व्यावहारिक शिक्षा के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। डिजिटल कक्षा और पुस्तकालय का उद्देश्य शैक्षिक संसाधनों तक पहुंच को व्यापक बनाना और छात्रों को पाठ्यपुस्तकों से परे विषयों का पता लगाने में मदद करना है।

शिशु शिक्षा समिति, असम, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध एक पंजीकृत शैक्षणिक संस्था है। गुवाहाटी में मुख्यालय वाली यह संस्था असम में शंकरदेव शिशु विद्या निकेतन विद्यालयों का एक नेटवर्क संचालित करती है और इस पहल में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में दशकों का अनुभव लाती है। 36 महीनों में कार्यान्वित होने वाली इस परियोजना का संचालन शिशु शिक्षा समिति, असम द्वारा किया जाएगा और इसकी प्रगति की समीक्षा एनटीपीसी द्वारा रिपोर्टों और स्थल दौरों के माध्यम से की जाएगी। इसका उद्देश्य टिकाऊ शैक्षिक अवसंरचना का निर्माण करना, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुविधाओं तक पहुंच में सुधार करना है, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों के बच्चों के लिए।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा