उद्योग विभाग और औद्योगिक समूह मिलकर मजबूत लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम विकसित करें : बिमल बोरा
गुवाहाटी, 23 सितंबर (हि.स.)। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के तत्वावधान में बुधवार को गुवाहाटी के ताज विवांता होटल में ‘नॉर्थ ईस्ट लॉजिस्टिक्स कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन किया गया। दिनभर चले इस सम्मेलन में उत्तर-पूर्व क्षेत्र में मजबूत और भविष्य उन्मुख लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए असम के उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठान विभाग के मंत्री बिमल बोरा ने उद्योग जगत से राज्य में एक सुदृढ़ औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में उद्योग विभाग के साथ सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार और औद्योगिक क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से राज्य में निवेश तथा व्यापार को गति देने वाली लॉजिस्टिक्स व्यवस्था तैयार की जा सकती है।
बोरा ने जोगीघोपा लॉजिस्टिक्स पार्क और अमीनगांव में स्थापित इनलैंड कंटेनर डिपो का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘एडवांटेज असम 2.0’ के दौरान 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों में से करीब 60 प्रतिशत अब क्रियान्वयन के चरण में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को राज्य में विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे का लाभ मिलेगा।
सम्मेलन के अध्यक्ष तथा टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस के भारत, मध्य पूर्व और अफ्रीका प्रमुख के. सुकुमार ने लॉजिस्टिक्स को आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख आधार बताया। उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जेबी एक्का ने असम को उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के उभरते लॉजिस्टिक्स द्वार के रूप में विकसित होने वाला राज्य बताया।
केंद्रीय सरकार के लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी के अध्यक्ष जयंत सिंह ने असम को क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सीआईआई असम राज्य परिषद के अध्यक्ष एवं नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भास्कर फुकन ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच वाहनों की निर्बाध आवाजाही से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे।
सम्मेलन में उत्तर-पूर्व के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान लॉजिस्टिक्स क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर कई सत्र आयोजित किए गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

