बाधाएं नहीं रोक पाएंगी असम के विकास की रफ्तार : मुख्यमंत्री
गुवाहाटी, 15 जुलाई (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को विधानसभा में राज्य के विकास, निवेश, शहरी सौंदर्यीकरण और सरकारी कर्मचारियों के हितों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुवाहाटी की सुंदरता बढ़ाने के लिए अनेक उपक्रम किए जा रहे हैं। शहर की सौंदर्यात्मक पहचान को मजबूत करने के लिए उपयुक्त इमारतों को कोपौ फूल के रंग (बैगनी) से रंगने का सुझाव भी दिया गया है।
सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध और आपदा जैसी परिस्थितियों में कई राज्य डीए देने का साहस नहीं कर पाए, जबकि असम कर्मचारियों को 60 प्रतिशत डीए दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में केवल असम, हरियाणा और उड़ीसा ही 60 प्रतिशत डीए प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अधिकांश विकसित राज्यों में सैटेलाइट सिटी विकसित हो रही हैं, लेकिन असम में कुछ लोग हर विकास परियोजना का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश का अनुकूल माहौल बनाना जरूरी है, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए डॉ. सरमा ने कहा कि सरकार के वादों पर विपक्ष सवाल नहीं उठाता, इसलिए सरकार स्वयं विधानसभा में अपने वादों, विशेषकर दो लाख सरकारी नौकरियों के मुद्दे को सामने रखेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन और वामपंथी सोच ने असम के विकास को वर्षों तक पीछे रखा। अरुणाचल प्रदेश के विकास का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां बड़े बिजली परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ती हैं, जबकि असम में एक फ्लाईओवर बनाने पर भी वर्षों तक विवाद होता रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में असम में विकास कार्य तूफानी गति से किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि कोई भी बाधा राज्य की प्रगति को रोक नहीं सकती और सरकार हर चुनौती का डटकर सामना करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

