निजुत मोइना और निजुत बाबू योजना का शुभारंभ, बाढ़ प्रभावित स्कूलों को भी मिली सहायता: भाजपा
गुवाहाटी, 06 अगस्त (हि.स.)। असम सरकार ने चुनाव पूर्व जारी विजन दस्तावेज़ में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने राज्यव्यापी ‘निजुत मोइना’ और ‘निजुत बाबू’ योजनाओं का औपचारिक शुभारंभ किया। भाजपा के प्रदेश कार्यालय से जारी बयान में मीडिया पैनलिस्ट आशीष भराली ने कहा कि सरकार ने नई सरकार के गठन के तीन महीने के भीतर ही अपने प्रमुख वादों को पूरा करना शुरू कर दिया है।
बयान के अनुसार, वर्ष 2024-25 में शुरू की गई ‘निजुत मोइना’ योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में बाल विवाह पर रोक लगाना है। इस वर्ष योजना के तहत चार लाख नए छात्राओं को शामिल किया जाएगा, जबकि ‘निजुत बाबू’ योजना के अंतर्गत 1.20 लाख छात्र लाभान्वित होंगे। छात्राओं को उच्च माध्यमिक स्तर पर प्रतिमाह 800 रुपये, स्नातक स्तर पर 1,250 रुपये तथा स्नातकोत्तर स्तर पर 2,500 रुपये की सहायता मिलेगी। वहीं, स्नातक के छात्रों को 1,000 रुपये और स्नातकोत्तर के छात्रों को 2,000 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे।
बयान में दावा किया गया है कि वर्ष 2016 में असम में 20 से 24 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित महिलाओं में बाल विवाह की दर 30.8 प्रतिशत थी, जबकि ‘निजुत मोइना’ जैसी योजनाओं के बाद वर्ष 2025 तक राज्य में बाल विवाह के मामलों में 84 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इस वर्ष से पॉलिटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है, जिससे राज्य के 1,959 शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बाढ़ प्रभावित शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के 793 विद्यालयों को दो-दो लाख रुपये की एकमुश्त प्रारंभिक सहायता भी जारी की। इसके साथ ही उच्च माध्यमिक छात्रों को 1,000 रुपये, स्नातक छात्रों को 3,000 रुपये और स्नातकोत्तर छात्रों को 5,000 रुपये की सहायता, पाठ्यपुस्तकें तथा दो जोड़ी स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डॉ. रणोज पेगू ने विद्यार्थियों से तकनीकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कौशल अपनाकर भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

